International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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तमिलनाडु लोक साहित्य एवम संस्कृति

Author(s) Chiluka Pusphalata
Country India
Abstract लोक सहित्य का अभिप्राय उस साहित्य से है जिसकी रचना लोक करता है। लोक-साहित्य उतना ही प्राचीन है जितना कि मानव, इसलिए उसमें जन-जीवन की प्रत्येक अवस्था, प्रत्येक वर्ग, प्रत्येक समय और प्रकृति सभी कुछ समाहित है। लोक- साहित्य शब्द दो शब्दो के योग से गठित है जो इस बात का अभिप्राय है कि लोक जीवन में प्रयुक्त साहित्य,जिसका सृजन स्वयं लोक द्वार हुआ हो ।
Keywords लोक सहित्य, मर्मि समीक्षक एवं विद्धान्, संस्कृत, प्रवृत्तियॉ , शतसाहस्त्री संहिता।
Published In Volume 6, Issue 2, March-April 2024
Published On 2024-03-23
Cite This तमिलनाडु लोक साहित्य एवम संस्कृति - Chiluka Pusphalata - IJFMR Volume 6, Issue 2, March-April 2024. DOI 10.36948/ijfmr.2024.v06i02.15171
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2024.v06i02.15171
Short DOI https://doi.org/gtn32g

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