International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160   •   Impact Factor: 9.24

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भारत विभाजन के संदर्भ में डॉ. बी.आर. अम्बेडकर के विचार: एक अनुशीलन

Author(s) गोविन्द मिश्र, डॉ. कुलदीप कुमार मिश्र
Country India
Abstract भारतीय इतिहास में भारत का विभाजन एक वीभत्स सत्य है। पाकिस्तान के उद्भव के संदर्भ में अनेक विद्वानों ने अपनी राय प्रस्तुत की है, भारत के राष्ट्रीय आंदोलन के कई नेता भारत विभाजन के पक्ष में नहीं थे लेकिन वही नेता जिन्होंने बार-बार भारत के बंटवारे पर एतराज जताया, अंततः इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि भारत का विभाजन कर स्वशासन प्राप्त कर लिया जाए। भारत की आजादी के संघर्ष के दौरान कांग्रेस पार्टी ने बार-बार हिंदू मुस्लिम फसाद को साम्राज्यवादी सरकार की देन बताया है। इसमें दो राय नहीं है कि 1857 के संघर्ष के बाद ब्रिटिश हुकूमत ने यह समझ लिया था कि अपनी सत्ता को स्थायित्व प्रदान करने हेतु हिंदू मुस्लिम वैमनस्य को प्रोत्साहन देना आवश्यक है। भारत विभाजन के संदर्भ में डॉ. अम्बेडकर ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए हैं, एक तरफ वे हिंदू समाज के जाति से उत्पन्न छुआछूत के प्रबल विरोधी थे तो वही उनका यह भी मानना था कि कट्टरपंथी मुस्लिम नेतृत्व में भी इस समाज को बर्बाद किया है।
Keywords भारत, पाकिस्तान, स्वशासन, साम्राज्यवादी।
Field Arts
Published In Volume 6, Issue 6, November-December 2024
Published On 2024-11-13
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2024.v06i06.30366

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