International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160   •   Impact Factor: 9.24

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ग्रामीण गरीबी निवारण में मनरेगा एक तुलनात्मक अध्ययन (झारखंड के बोकारो और रामगढ़ जिले के संदर्भ में)

Author(s) GOPAL KUMAR DAS, BASANTI MATHEW MARLIN
Country India
Abstract झारखण्ड राज्य में अधिकांश जनसंख्या ग्रामीण क्षेत्र में रहकर कृषि कार्य को करते हुए अपना जीवन यापन करते है। लेकिन यहाँ की कृषि में उन्नत तकनीक के इस्तेमाल का अभाव तथा सिंचाई की सुविधा का अभाव है तथा यहाँ पर उद्योग धंधो की भी कमी है। परिणामस्वरूप यहाँ बेरोजगारी एवं गरीबी पायी जाती है।
गरीबी एवं बेरोजगारी को दूर करने हेतू केन्द्र सरकार ने 2 फरवरी 2006 में एक योजना संचालित की जिन्हें मनरेगा के नाम से जानते है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्र में बेरोजगारी एवं गरीबी दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इस शोध पत्र मनरेगा के कार्यो का तुलनात्मक अध्ययन करने से बोकारो जिला तथा रामगढ़ जिले में रोजगार के अवसर महिलाओं की भागीदारी तथा कृषि के विकास से संबंधित का अध्ययन किया गया। आधारभूत संरचना के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्र के लोगो को रोजगार के अवसर प्राप्त हुये। आय बढ़ने से उनकी आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति में बदलाव आया। बोकारो जिला औद्योगिक प्रधान जिला होने के कारण मनरेगा का प्रभाव सीमित रहा। बोकारो तथा रामगढ़ दोनो ही जिलों में मनरेगा की कुछ प्रमुख समस्याओं का पता चला। इन समस्याओं को दूर करने हेतु उपयुक्त एवं उपयोगी सुझाव देने का प्रयास किया गया है। जिससे की मनरेगा योजना को अधिक उपयोगी एवं प्रभावशाली बनाया जा सके।
Keywords मनरेगा, झारखंड, गरीबी, बेरोजगारी, आधारभूत संरचना, आर्थिक विकास, सामाजिक विकास।
Field Mathematics > Economy / Commerce
Published In Volume 6, Issue 6, November-December 2024
Published On 2024-12-04
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2024.v06i06.32076

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