International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160   •   Impact Factor: 9.24

A Widely Indexed Open Access Peer Reviewed Multidisciplinary Bi-monthly Scholarly International Journal

Call for Paper Volume 8, Issue 5 (September-October 2026) Submit your research before last 3 days of October to publish your research paper in the issue of September-October.

हिन्दी पत्रकारिता में प्रभाष जोशी का प्रदेय

Author(s) SANJAY KUMAR PRAJAPATI, Dr.PUSHPA SAKYA
Country India
Abstract स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता लोकतंत्र की रीढ़ होती है, क्योंकि इसके माध्यम से ही आमजन समाज में घटित हो रही घटनाओं की सटीक जानकारी प्राप्त कर पाते हैं, जिससे वे विवेकपूर्ण निर्णय लेने में सक्षम होते हैं। पत्रकार का काम केवल समाचार देना और छापना नहीं है, बल्कि जनहित से जुड़े मुद्दों को उजागर करना, सत्ता और संस्थानों की जवाबदेही सुनिश्चित करना और समाज में व्याप्त असमानताओं और अन्याय को सामने लाना भी है। प्रभाष जोशी जी ने एक पत्रकार और संपादक के रूप में अपनी धारधार लेखनी से समाज में मौजूद विसंगतियों के विरुद्ध हस्तक्षेप किया। उन्होंने हिंदी पत्रकारिता में नैतिकता और गुणवत्ता के मानदंडों को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने अपनी पत्रकारिता के जरिए यह दिखाया कि किस तरह निष्पक्ष और सत्यनिष्ठ पत्रकारिता समाज और लोकतंत्र को सशक्त कर सकती है। अपने लेखन और संपादन में हमेशा जनता की भलाई और सच्चाई की जीत को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। इसी कारण वे हिंदी पत्रकारिता के एक स्तंभ के रूप में माने जाते है। उनकी विचारधारा और कार्यप्रणाली ने पत्रकारों को प्रेरित किया कि वे अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की मजबूती बनाए रखें। प्रभाष जी ने समाज,राजनीति,साहित्य,संगीत,फिल्म और खेल विशेषकर क्रिकेट आदि विषयों को अपनी हिंदी पत्रकारिता में स्थान दिया।
Keywords हिंदी पत्रकारिता, समाज, नैतिकता, गुणवत्ता, मानदंड, सत्ता, मुद्दों, निष्पक्ष,सत्यनिष्ठ,असमानता,अन्याय,संपादन,राजनीति,साहित्य,संगीत,फिल्म,खेल(क्रिकेट) भाषा, मानवीय संवेदना और लोकहित।
Field Arts
Published In Volume 6, Issue 6, November-December 2024
Published On 2024-11-30
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2024.v06i06.32178

Share this