International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

A Widely Indexed Open Access Peer Reviewed Multidisciplinary Bi-monthly Scholarly International Journal

Call for Paper Volume 8, Issue 3 (May-June 2026) Submit your research before last 3 days of June to publish your research paper in the issue of May-June.

जनसंख्या वृद्धि मानव विकास के रूप में ( जिला सीकर राजस्थान के विशेष संदर्भ में )

Author(s) Mamta devi yadav
Country India
Abstract शोध सारांश :
"संसाधन होते नहीं अपितु बनाए जाते हैं"| ( जिम्मरमैन )

वर्तमान समय में जनसांख्यिकी विशेषताओं का अध्ययन भूगोलवेत्ताओं के साथ ही अन्य समाज विज्ञानों में भी एक महत्वपूर्ण विषय है । जनसांख्यिकी विशेषताओं में से जनसंख्या वृद्धि सबसे महत्वपूर्ण घटक है, जनसंख्या वृद्धि का आशय किसी क्षेत्र में दो निश्चित समय अन्तरालों के बीच होने वाले परिवर्तन से है ।जनसंख्या किसी भी क्षेत्र का महत्वपूर्ण संसाधन होती है क्योंकि अन्य सभी प्राकृतिक संसाधनों का उपभोग तथा उपयोगिता मानवीय संसाधन की कुशलता तथा तकनीकी ज्ञान पर ही निर्भर करती है। प्रसिद्ध भूगोलवेत्ता जिम्मरमैन के उपर्युक्त कथन से स्पष्ट होता है कि प्रकृति में सभी संसाधनों को उपयोगिता प्रदान करने में मानव का मुख्य योगदान होता है, अतः मानव स्वयं भी एक संसाधन है। जनसंख्या वृद्धि के मात्रात्मक और गुणात्मक पहलुओं में से गुणात्मक पहलू अधिक महत्वपूर्ण है । प्रस्तुत शोध पत्र का प्रमुख उद्देश्य जनसंख्या वृद्धि का मानव संसाधन के रूप में विश्लेषण करना है।
Keywords जनसांख्यिकी , उपयोगिता , संसाधन , गुणात्मक पहलू , जनसंख्या वृद्धि
Field Arts
Published In Volume 5, Issue 3, May-June 2023
Published On 2023-06-12
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2023.v05i03.3683

Share this