International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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माण्डव की जल प्रबंधन व्यवस्था का ऐतिहासिक विश्लेषण

Author(s) Dr. Shefali Rajwal
Country India
Abstract प्रायः ऐसा कहा जाता है कि प्राचीन सभ्यताएं किसी न किसी नदी किनारे ही बसती रही है। भारत में मध्यप्रदेश स्थित प्राचीन और ऐतिहासिक नगरी धार जिले का मांडव इसका अपवाद रहा है। मांडव के आसपास कोई नदी नहीं रही है, लेकिन यहां के तत्कालीन समाज ने अपनी खास तकनीकों के माध्यम से अद्भुत जल संरचनाएं तैयार की, जिनकी वजह से जल प्रबंधन की दुनिया में 'मांडव' प्रेम की नगरी के अलावा भी अपनी एक अलग पहचान रखता है। मांडव में जल प्रबंधन के लिये प्राचीन समाज ने सभी आधुनिक तकनीकों को सदियों पहले ही उपयोग करके छोड़ दिया था। बांधों वाले प्रयोगों को यहां आजमाया जाता रहा है। आज के बहुचर्चित रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को तत्कालीन समाज ने महलों की शान बनाकर रखा था। खेत का पानी खेत में और गांव का गांव में इस आधुनिक नारे को भी तत्कालीन समाज-महलों का पानी महल में के रूप में अमल में लाता रहा है। तत्कालीन समाज ने जलप्रबंधन की तकनीकों के माध्यम से इस बिंदु को रेखांकित किया कि समाज यदि दृढसंकल्पित है, तो नदी से दूर वर्षा जल की बूंदों के सहारे भी सभ्यताएं विकसित हो सकती है।
Keywords माण्डव, जल प्रबंधन व्यवस्था, आधुनिक तकनीकों,
Field Arts
Published In Volume 7, Issue 4, July-August 2025
Published On 2025-07-22
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2025.v07i04.51793

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