International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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पुस्तकालयों का बदलता स्वरूप और ई-संसाधनों का उपयोग

Author(s) Mr. Hamza Malik
Country India
Abstract सारांश :- सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के तीव्र विकास और डिजिटल क्रांति के प्रभाव से वर्तमान आधुनिक युग में समूचे विश्व के पुस्तकालयों के मूल पारंपरिक स्वरूप में एक अद्वितीय परिवर्तन आया है, पुस्तकालय अब केवल मुद्रित पाठ्य सामग्रियों तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह अब ई-संसाधनों और ऑनलाइन सूचना स्रोतों की ओर तेजी से अग्रसर हुआ है। सम्पूर्ण जगत में ई-संसाधनों के पुस्तकालयों में बढ़ते प्रभाव एवं अत्यधिक उपयोग के कारण पुस्तकालयों के वर्तमान स्वरूप में पिछले कुछ दशकों में यह परिवर्तन आया है। डिजिटल क्रांति ने समूचे विश्व के पुस्तकालयों के मूल स्वरूप को बदल दिया हैं। जिससे एक ऐसे नवीन परिवर्तन की शुरुआत हुई है जहां आधुनिक ई - संसाधनो का उपयोग कर उपयोक्ता को विभिन्न प्रकार के ज्ञान प्रसार और सूचना को त्वरित प्राप्त करने में ई-संसाधन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं पारंपारिक पुस्तकालयों में मुद्रित पाठ्य सामग्रियों से सूचना को प्राप्त करने में कुछ समय लग सकता हैं। यह शोध पत्र मुद्रित लिखित पुस्तकों पत्र पत्रिकाओं पांडुलिपियों एवं अन्य पाठ्य सामग्रियों के पारंपरिक भंडारण एवं उपयोग से लेकर ई - संसाधनों के आधुनिक नवीन तकनीकों के प्रयोग के कारण पुस्तकालयों के परिवर्तित होते स्वरूप पर प्रकाश डालता हैं।
Keywords शब्द कुंजी - पारंपरिक, आधुनिकीकरण, स्वरूप, ई-संसाधन, डिजिटल क्रांति, तकनीकी परिवर्तन, ज्ञान प्रसार।
Published In Volume 7, Issue 6, November-December 2025
Published On 2025-11-06
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2025.v07i06.52667

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