International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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भीलवाड़ा जिले का साक्षरता परिदृश्य (जनगणना 2001 व 2011 पर आधारित)

Author(s) Dr. Sushma Loth
Country India
Abstract सारांश
वर्तमान समय में वही देश सामाजिक व आर्थिक विकास कर सकता है जहाँ की अधिकांश जनसंख्या साक्षर व शिक्षित हो। साक्षरता से तात्पर्य उन व्यक्तियों से है जो किसी भी भाषा में पढ़ व लिख सके। साक्षरता एक ऐसा साधन है, जिसके माध्यम से मानव समाज में चेतना जागृत कर उसकी कार्य-कुशलता में वृद्धि की जा सकती है। शिक्षा और विकास एक ही सिक्के के दो पहलू है। इन्हें एक दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता है। शिक्षा के माध्यम से आधुनिकीकरण और विकास के लिए सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक परिदृश्य में अपेक्षित परिवर्तन किया जा सकता है क्योंकि शिक्षा मानव में सद्गुणों को समाहित कर गुणवत्तापूर्ण जीवन प्रदान करती है। मानवीय संसाधन का पूर्ण विकास चरित्र- निर्माण और देश के चहुंमुखी विकास के लिए शिक्षा एक महत्वपूर्ण घटक है। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की साक्षरता राष्ट्रीय साक्षरता स्तर से निम्न एवं राज्य के साक्षरता स्तर से उच्च है वहीं तुलनात्मक रूप से साक्षरता वृद्धि दर की गति राष्ट्रीय साक्षरता स्तर से निम्न एवं राज्य की साक्षरता वृद्धि दर से उच्च है जिससे यह आशा है कि यह जिला भी राष्ट्रीय साक्षरता स्तर के समकक्ष आ जाएगा।
Keywords शब्द कुंजी : साक्षरता, सामाजिक-आर्थिक विकास, मानव- संसाधन, सामाजिक जागरूकता
Field Arts
Published In Volume 7, Issue 4, July-August 2025
Published On 2025-08-27
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2025.v07i04.54127

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