International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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भारत-बांग्लादेश और चीन त्रिकोणी सहयोग की संभावनाएं: सार्क और बिम्सटेक के विशेष संदर्भ में

Author(s) Km. Chanda Yadav
Country India
Abstract सारांश (Abstract)-
भारत बांग्लादेश और चीन तीनों एशिया के महत्वपूर्ण देश है, जिनकी भौगोलिक स्थिति, आर्थिक सामर्थ्य और रणनीतिक महत्व क्षेत्रीय सहयोग की संभावनाओं को मजबूत आधार प्रदान करते हैं। इन तीनों देशो के बीच त्रिकोणी सहयोग दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया की राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक संरचना को नया रूप दे सकता है। इस संदर्भ में सार्क(SAARC)और बिम्सटेक(BIMSTEC) जैसे क्षेत्रीय संगठन महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं। सार्क एक पारंपरिक दक्षिण एशियाई संगठन है, जिसमें भारत और बांग्लादेश सदस्य हैं, लेकिन चीन सदस्य नहीं है। इसके संचालन में भारत की प्रभावी भूमिका रही है, किंतु भारत-पाकिस्तान के द्विपक्षी तनाव के कारण यह संगठन अपेक्षित परिणाम नहीं दे सका। वही बिम्सटेक एक उभरता हुआ संगठन है, जिसमें दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के देश शामिल हैं, जिसमें बांग्लादेश, भारत, म्यांमार, थाईलैंड, नेपाल, भूटान और श्रीलंका जैसे देश शामिल हैं। चीन इसमें प्रत्यक्ष सदस्य नहीं है, किंतु क्षेत्रीय प्रभाव के कारण इसकी गतिविधियों पर इसका परोक्ष प्रभाव देखा जा सकता है। भारत-बांग्लादेश और चीन के बीच त्रिकोणी सहयोग के लिए कई क्षेत्र सामने आते हैं जैसे- व्यापार बढ़ाना, ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग करना, सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे का विकास करना एक दूसरे से बेहतर जुड़ाव बनाना, पानी के स्रोतों का सही इस्तेमाल करना और जलवायु परिवर्तन की समस्या से मिलकर निपटना। चीन की "बेल्ट एंड रोड योजना" भारत की "एक्ट ईस्ट नीति" और बांग्लादेश का "लुक ईस्ट" नजरिया यह तीनों एक साथ मिलकर इस सहयोग को मजबूत बना सकते हैं। लेकिन इस रास्ते में कुछ कठिनाइयां भी हैं जैसे-भारत और चीन के बीच सीमा को लेकर विवाद दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी है, और भारत को यह चिंता है कि चीन अपनी आर्थिक ताकत का ज्यादा इस्तेमाल कर रहा है। वहीं बांग्लादेश ऐसी स्थिति में है, जहां वह भारत और चीन दोनों से अच्छे संबंध बनाएं रखना चाहता है, ताकि उसे दोनों का फायदा मिल सके यदि इन समस्याओं को बातचीत और पारदर्शिता के साथ सुलझाया जाए तो यह तीनों देशो का साथ आना पूरे क्षेत्र के विकास शांति और स्थिरता मे मददगार हो सकता है। बिम्सटेक जैसे संगठन इस सहयोग को मजबूत करने के लिए एक अच्छा मंच बन सकते हैं।
Keywords मुख्य शब्द (keywords)- गठबंधन, संतुलित नीति, सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा, प्रतिद्वंदिता, त्रिकोणी संबंध, सार्क, बिम्सटेक
Field Arts
Published In Volume 7, Issue 4, July-August 2025
Published On 2025-08-24
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2025.v07i04.54217

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