International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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जेन्डर और जनजातीय आभूषण: धारचूला की भोटिया जनजाति की सांस्कृतिक पहचान और प्रतीक

Author(s) Asha Goswami
Country India
Abstract सारांश - प्रारंभ से ही आभूषण न केवल सौंदर्यवर्धन का माध्यम रहे हैं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और लैंगिक पहचान के निर्माण में भी इनकी भूमिका केंद्र में रही है। विशेषतः जनजातीय समाजों में आभूषण केवल अलंकरण की वस्तु नहीं होते, बल्कि वे पहचान, स्थिति, परंपरा और शक्ति के गहरे प्रतीक होते हैं। यह शोध पत्र इस बात की पड़ताल करता है कि किस प्रकार आभूषणों का निर्माण और उपयोग लिंग आधारित सामाजिक भूमिकाओं को आकार देता है और जनजातीय स्त्रीत्व को परिभाषित करता है। यह शोध पत्र गहनों के विभिन्न परंपराओं से जुड़े अनकहे संबंधों, उनके सामाजिक-सांस्कृतिक पक्षों और अलंकरण के एक उपकरण के रूप में उनकी भूमिका का विश्लेषण करने का प्रयास करेगा। इसके अंतर्गत, यह गहनों को स्वामित्व के प्रतीक, एक सामाजिक दर्जे (स्टेटस सिंबल) के रूप में, तथा ‘स्त्रीधन’ के रूप में देखने का प्रयास करेगा। यह विश्लेषण करेगा कि गहनों और अलंकरण की परंपराओं के इर्द-गिर्द विकसित हुई सामाजिक परंपराओं ने महिलाओं की उपलब्ध संभावनाओं को किस प्रकार प्रभावित किया है| यह शोध पत्र गहनों की परंपरा के संदर्भ में स्त्रीत्व (फेमिनिटी) की अवधारणा को विस्तार देगा। संक्षेप में, यह लिंग और गहनों के संबंध पर केंद्रित एक विश्लेषण होगा।
Keywords संकेत शब्द: भोटिया, कुमाऊँ, जनजातीय आभूषण, परिधान, लिंग (जेंडर), सांस्कृतिक पहचान, अलंकरण, समाज, स्त्रीत्व, स्त्रीधन, पितृसत्ता |
Field Sociology > Politics
Published In Volume 7, Issue 4, July-August 2025
Published On 2025-08-31
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2025.v07i04.54954

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