International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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वृद्ध विधवाओं की स्थिति और समाजिक चुनौतियाँ: एक समाजशास्त्रीय अध्ययन

Author(s) Ms. Manorama Devi
Country India
Abstract वर्तमान अध्ययन का उद्देश्य वृद्ध विधवाओं की सामाजिक समस्याओं के कारणों का पता लगाना है तथा वृद्ध विधवाओं की दूसरों के ऊपर निर्भरता का पता करना है । प्रस्तुत अध्ययन भारत के एक प्रान्त हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में किया गया, जिसमें प्राथमिक एवं द्वितीयक स्त्रोतों से आंकड़े एकत्रित किये गए । प्राथमिक स्त्रोतों में हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के दो खण्डों एवं नगरों से 455 वृद्ध विधवा महिला उत्तरदाताओं से साक्षात्कार प्रश्नावली की सहायता से सूचनाएं एकत्रित की गई । द्वितीयक स्त्रोतों में पत्रिकाओं सरकारी प्रतिवेदनों तथा शोध आधारित पुस्तकों से जानकारी प्राप्त की गई । इस अध्ययन का उद्देश्य वृद्ध विधवाओं को दिए जाने वाले सम्मान के बारे में पता करना था । दूसरा उद्देश्य वृद्ध विधवाओं के उचित सम्मान का पता करना था । अध्ययन से पता चलता है कि अधिकांश वृद्ध विधवाएं परिवार के साथ रहती हैं । वृद्ध विधवाओं को उनके परिवार में सम्मान मिलता है लेकिन प्रत्येक दसवीं विधवा का कहना था कि उनको उचित सम्मान नहीं मिलता है । प्रत्येक तीसरी विधवा का कहना था कि कुल उत्तरदाताओं में से तीसरी विधवा का कहना था कि कभी-कभी उनको परिवार में प्रताड़ित भी किया जाता है । अधिकांश उत्तरदाताओं की उनके बेटे और बहु के द्वारा ही देखभाल की जाती है, लेकिन कुछ वृद्ध विधवाएं ऐसी भी जिनकी देखभाल करने वाला कोई नही था । वृद्ध महिलाओं की स्थिति हमारे समाज के सामूहिक नैतिक और सामाजिक स्वास्थ्य का प्रतिबिंब है। अगर हम एक ऐसे समाज की कल्पना करते हैं जहाँ हर व्यक्ति को उसके जीवन के हर चरण में गरिमा और सम्मान मिले, तो हमें वृद्ध महिलाओं के जीवन की गुणवत्ता को सुधारने के प्रयासों को प्राथमिकता देनी होगी। परिवार, समाज, सरकार और स्वयं वृद्ध महिलाओं को इस दिशा में मिलकर काम करना होगा ताकि बुढ़ापा केवल उम्र का पड़ाव न होकर, गरिमा से भरा एक सम्मानजनक जीवन बन सके। वृद्ध महिलाओं की स्थिति हमारे समाज के सामूहिक नैतिक और सामाजिक स्वास्थ्य का प्रतिबिंब है। अगर हम एक ऐसे समाज की कल्पना करते हैं, जहाँ हर व्यक्ति को उसके जीवन के हर चरण में गरिमा और सम्मान मिले | तो हमें वृद्ध महिलाओं के जीवन की गुणवत्ता को सुधारने के प्रयासों को प्राथमिकता देनी होगी। परिवार, समाज, सरकार और स्वयं वृद्ध महिलाओं को इस दिशा में मिलकर काम करना होगा ताकि बुढ़ापा केवल उम्र का पड़ाव न होकर, गरिमा से भरा एक सम्मानजनक जीवन बन सके।
Keywords उत्तरदाताओं, साक्षात्कार, प्रश्नावली, प्रतिवेदनों, प्रताड़ित
Field Sociology
Published In Volume 7, Issue 5, September-October 2025
Published On 2025-09-11
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2025.v07i05.55468

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