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E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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मूल्य प्रवाह 2.0 के संदर्भ में व्यक्तित्व विकास और चरित्र निर्माण के लिए मानवीय मूल्यों और व्यावसायिक नैतिकता का उच्च शिक्षा में समावेश

Author(s) विवेक कुमार सुबुद्धि, डॉ. कृष्णा झरे
Country India
Abstract मानव सभ्यता सदैव मानवीय मूल्यों जैसे त्याग, सत्य, प्रेम, करुणा व दया आदि पर आधारित रही है। मानव सभ्यता की पहचान उससे जुड़े मानवीय मूल्यों से ही होती है, जिन्हें संत, ऋषि और दार्शनिक समय-समय पर विकसित करते आए हैं। गीता, वेद, उपनिषद परंपरा अनुसार त्याग‑भाव के साथ सेवा के माध्यम से मानवीय मूल्य, चरित्र व नैतिकता विकसित होती है। सत्य, तप व दान जैसे मूल्य शिक्षा के माध्यम से व्यक्तित्व सशक्त बनते हैं। उच्च शिक्षा का लक्ष्य मूल्यों को आत्मसात कर ज्ञान अर्जन के साथ-साथ चरित्र‑आधारित विकास सुनिश्चित करना है। मूल्यों को महत्त्व देने वाले महापुरुषों की प्रेरणा और अनुभव सत्य, प्रेम, करुणा जैसे मूल्य अर्जन व त्याग और सेवा के माध्यम से व्यक्तित्व में समाहित होते हैं। पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी के अनुसार, मानवता की सेवा, नैतिक जीवन और सुसंस्कृत परिवार व्यवस्था ही वह मूल्य हैं, जो व्यक्ति को दिव्यत्व और समाज को श्रेष्ठता की ओर ले जाते हैं। प्राचीन ग्रंथ सत्य, धर्म, तप, त्याग, दया, दान, शांति जैसे मानवीय मूल्यों को शिक्षा का आधार बताते हैं। व्यावसायिक नैतिकता व्यक्तिगत आस्था से निकलने वाले इन मूल्यों पर आधारित होती है और हमारे आचरण व्यवहार को समाज के अनुरूप व समाजोपयोगी कार्य करने के लिए प्रेरित करती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में गुणवत्ता‑संवर्धित शिक्षा से विद्यार्थी उच्च शिक्षा को प्राप्त करते हुए मानवीय मूल्य और व्यावसायिक नैतिकता से जुड़कर जीवन में संतुलन स्थापित कर सकेंगें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर आधारित 2023 में मूल्य प्रवाह 2.0 के अंतर्गत मानवीय मूल्य और व्यावसायिक नैतिकता का संयोजन एक ऐसी नींव है, जो उच्च शिक्षा के जरिए चरित्र-आधारित परिवर्तन और सामाजिक न्याय, समावेशिता और स्थायी प्रगति को सुनिश्चित करना है। मूल्य प्रवाह 2.0 के अनुसार उच्च शिक्षा का उद्देश्य ज्ञानार्जन, व्यक्तित्व परिष्कार, उच्च आदर्शों का विकास और चरित्र निर्माण है।
Keywords शब्द कुंजी- मानवीय मूल्य, व्यावसायिक नैतिकता, मूल्य प्रवाह 2.0, नैतिक शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020।
Field Sociology > Education
Published In Volume 7, Issue 5, September-October 2025
Published On 2025-09-25
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2025.v07i05.55985

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