International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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समकालीन हिन्दी साहित्य में स्त्री जीवन और संघर्ष के विविध आयाम

Author(s) मंजुला शर्मा, Prof. Dr. दिग्विजय कुमार शर्मा
Country India
Abstract मैत्रेयी पुष्पा साठोत्तरी हिन्दी कथा साहित्य की एक महत्त्वपूर्ण स्त्रीवादी कथाकार हैं. उनके साहित्य में स्त्री की उपस्थिति सशक्त रूप में है। उनके साहित्य का आधार बुंदेलखंड है। बुन्देलखंडी समाज एवं संस्कृति में व्याप्त पितृसत्तात्मक मूल्य स्त्री-शोषण का वर्षों से कैसे आधार बना हुआ है मैत्रेयी पुष्पा का कथा साहित्य इसकी शिनाख्त करता है। सदियों से चली आ रही पितृसत्तात्मक कुल-मर्यादा को मैत्रेयी पुष्पा अपने स्त्री पात्रों के माध्यम से तोड़ती चलती हैं। उनके यहाँ स्त्री-संघर्ष का विविध आयाम दीखता है। अपने समकालीनों से वह इस अर्थ में भिन्न हैं कि उनके यहाँ स्त्री-जीवन का खोखला नहीं, बल्कि यथार्थ प्रस्तुत हुआ है। मैत्रेयी पुष्पा का साहित्य पिछड़े एवं ग्रामीण क्षेत्र की स्त्री-संघर्ष की महागाथा है। प्रस्तुत शोध पत्र में इसी बात को दिखाने का प्रयास किया गया है।
Keywords समकालीन, स्त्री-संघर्ष, समाज, संस्कृति, उपन्यास, पंचायतीराज, स्त्री-सशक्तिकरण, पितृसत्ता, सामंतवाद, स्त्री-शोषण...आदि।
Published In Volume 5, Issue 1, January-February 2023
Published On 2023-01-07

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