International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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रमेश पोखरियाल निशंक के उपन्यासों में पर्वतीय प्रकृति और समाज

Author(s) खेमलता गोस्वामी, डॉ. मेघा महात्रे
Country India
Abstract रमेश पोखरियाल निशंक मूलतः उत्तराखंड के निवासी हैं౹ इन्होंने अपने बचपन से ही प्रकृति के सानिध्य में अपना जीवन व्यतीत किया है ౹ इस कारण पर्वतीय समाज से ये भली-भांति परिचित हैं ౹ इनके उपन्यासों में भी प्रवृत्तिगत पर्वतीय समाज तथा प्रकृति चित्रण स्पष्ट झलकता है ౹ स्थानीय खान-पान, कृषि, वेशभूषा तथा भाषा-बोली आदि का स्वच्छंद व्यवहार दिखाई पड़ता है ౹ पर्वतीय परंपरा व रीति-रिवाज आदि का दर्शन इनकी कहानियों में मिलता है౹ छूट गया पड़ाव, बीरा तथा पहाड़ से ऊँचा आदि उपन्यासों में देखें तो पर्वतीय प्रदेश के गावों, उत्तराखंड के जनजीवन व प्रकृति चित्रण आदि उल्लेख स्पष्ट रूप से रमेश पोखरियाल निशंक के उपन्यासों में दर्शनीय है౹ स्थानीय जनमानस दुःख, संघर्षों, हर्षोल्लास, उत्सव-रंग तथा आचार-विचार आदि का दर्शन इनकी लेखनी द्वारा उद्घाटित होता है౹
Published In Volume 7, Issue 5, September-October 2025
Published On 2025-10-31
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2025.v07i05.59458

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