International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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महामाया : उपाधि या वास्तविक नाम एक अध्ययन

Author(s) Dr. PRAKASH DAS KHANDEY
Country India
Abstract गौतम बुद्ध के जीवन के प्रसंगों में उनकी माता के नाम को लेकर विद्वानों के बीच लंबे समय से चर्चा और भ्रम की स्थिति रही है। पारंपरिक बौद्ध साहित्य और किंवदंतियों में बुद्ध की माता का उल्लेख "महामाया" नाम से किया गया है। किंतु अनेक इतिहासकारों और भाषाविदों का मत है कि "महामाया" वास्तव में उनका व्यक्तिगत नाम न होकर एक उपाधि (title) थी। प्राकृत और अपभ्रंश भाषाओं में "माया" का अर्थ "माई" अथवा "माता" होता है और "महामाया" का अर्थ "महामाता" अर्थात् एक ऐसी माता जो असाधारण संतान (गौतम बुद्ध) की जननी होने के कारण विशेष महत्ता प्राप्त करती है।अशोक कालीन शिलालेखों और लुंबिनी स्थल पर प्राप्त पुरातात्त्विक साक्ष्यों से संकेत मिलता है कि बुद्ध की माता का वास्तविक नाम "लुमिनी देई" अथवा "रुमिन देई" था। नेपाल की लोकपरंपराओं में आज भी बुद्ध की माता को "रुमन देई" के नाम से स्मरण किया जाता है। लुंबिनी क्षेत्र के नामकरण का संबंध भी संभवतः इसी वास्तविक नाम से है। विभिन्न विद्वानों का मत है कि "महामाया" शब्द का प्रयोग गौतम बुद्ध की माता को विशेष सम्मान देने के लिए हुआ, जैसे उनकी मौसी को "महा प्रजापति" की उपाधि दी गई थी।
Keywords बुद्ध की माता, महामाया, उपाधि, वास्तविक नाम, लुमिनी देई, रुमिन देई, अशोककालीन शिलालेख।
Field Arts > Drawing
Published In Volume 7, Issue 6, November-December 2025
Published On 2025-11-22
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2025.v07i06.59981

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