International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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वायु प्रदूषण की समस्‍या एवं प्रबंधन कोरबा जिला छत्‍तीसगढ़ का एक भौगोलिक अध्‍ययन

Author(s) Mr. Dileshwar Prasad
Country India
Abstract वायु प्रदूषण एक ऐसी स्थिति है जिसमें वायु में रासायनिक, जैविक तत्वों की मात्रा बढ़ जाती है इन तत्वों को प्रदूषक कहा जाता है जो वायु के संगठन को प्रभावित करके उसके गुणों में परिवर्तन लाने का कार्य करती है जो मानव ,पशु पक्षी और, पेड़ पौधों को नुकसान पहुंचाती है । अध्ययन क्षेत्र कोरबा छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है । खनिज संपदा अपनी विशेष भूआकृति के कारण यहां पर परिवहन के उत्तम साधनों का विकास भी हुआ है इन सभी सुविधाओं से यहां पर विभिन्न प्रकार के उद्योग स्थापित हुए है जिसमें थर्मल पावर प्लांट, एल्यूमिनियम उद्योग, अन्य छोटे उद्योग स्थापित है । जिनसे निकलने वाले वायव्य अपशिष्टों से वायु प्रदूषण होता है । वायु प्रदूषण के कारण पौधों में प्रकाश संश्लेषण का न हो पाना, पौधों के विकास में रुकावट, मनुष्यों में खासी, चर्म रोग, दमा, उच्च रक्तचाप, सरदर्द, फेफड़ों में सूजन, तपेदिक, आंखों की समस्या आदि परेशानियां उत्पन्न होती है । यह पशु पक्षियों के साथ साथ पारिस्थितिक तंत्र पर भी नकारात्मक प्रभाव डालती है । साथ ही साथ पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाने का कार्य करती है अतः वायु प्रदूषण का प्रबंधन अत्यंत आवश्यक हो जाता है ।
Keywords प्रदूषक, औद्याेगिक क्षेत्र, भू-आकृति, थर्मल पावर, पारिस्थितिक तंत्र
Field Arts
Published In Volume 8, Issue 3, May-June 2026
Published On 2026-05-26
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2026.v08i03.60959

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