International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

A Widely Indexed Open Access Peer Reviewed Multidisciplinary Bi-monthly Scholarly International Journal

Call for Paper Volume 7, Issue 6 (November-December 2025) Submit your research before last 3 days of December to publish your research paper in the issue of November-December.

दिव्यांगता के प्रति बदलते दृष्टिकोण: प्रकार, कारण, रोकथाम तथा राष्ट्रीय पाठ्यक्रम

Author(s) Ms. Priyatma Arya
Country India
Abstract सारसंक्षेप
दिव्यांगता के प्रति समाज का दृष्टिकोण समय के साथ उल्लेखनीय रूप से परिवर्तित हुआ है। जहाँ पहले दिव्यांग व्यक्तियों को दया, निर्भरता और सामाजिक अलगाव के दृष्टिकोण से देखा जाता था, वहीं आज उन्हें अधिकार, समानता और क्षमता के आधार पर समझा जाने लगा है। दिव्यांगता के प्रमुख प्रकारों में शारीरिक, बौद्धिक, श्रवण, दृश्य, मानसिक व्यवहारिक तथा बहु-दिव्यांगता शामिल हैं। इसके कारण जन्मजात या आनुवंशिक स्थितियाँ, दुर्घटनाएँ, कुपोषण, संक्रमण, टीकाकरण की कमी, प्रसव संबंधी जटिलताएँ तथा पर्यावरणीय और सामाजिक कारक हो सकते हैं। रोकथाम हेतु गुणवत्तापूर्ण प्रसवपूर्व देखभाल, समय पर टीकाकरण, संतुलित पोषण, सुरक्षित वातावरण, स्वास्थ्य जांच, जनजागरूकता और शीघ्र हस्तक्षेप अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा समावेशी शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए लचीले पाठ्यक्रम, व्यक्तिगत शिक्षण योजनाएँ, सहायक तकनीक, सार्वभौमिक अधिगम डिजाइन तथा बाधारहित वातावरण पर बल देती है, जिससे प्रत्येक विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुरूप सीख सकें और समाज में सम्मानपूर्वक भागीदारी कर सकें।
Keywords दिव्यांगता, समावेशन, समानता, जागरूकता आदि
Field Sociology > Education
Published In Volume 7, Issue 6, November-December 2025
Published On 2025-11-29

Share this