International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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राजकमलक उपन्यासक उत्कृष्टता

Author(s) डॉ. राजेन्द्र कुमार प्रधान
Country India
Abstract राजकमलक उपन्यास सुगठित कथानकसँ युक्त मैथिली उपन्यास साहित्यक महत्वपूर्ण उपलब्धि धिक। मैथिली साहित्यमे हिनक दू गोट उपन्यास ‘आदि कथा’ आ ‘आन्दोलन’ उपलब्ध अछि। एकटा तेसरो उपन्यास ‘पाथर-फूल’ क नाम अवैत अछि, मुदा ई अप्राप्त अछि। कहल जाइत अछि जे प्रकाशन तऽ भेल छल, मुदा कथित अश्लीलताक कारणें एकरा प्रसारित नहि होमय देल गेल। राजकमलक उपलब्ध दुनू उपन्यास ‘आदिकथा’ आओर आन्दोलन मे, आन्दोलन उपन्यासकं राजकमल स्वयं उपन्यास नहि कहि कऽ ओकरा मिथिला मैथिली लेल कथल गेल राजनीतिक पर्यवस्थितिमे लिखल गेल प्रथमवृत्तानन्तक कथा कहलनि अछि। जून 1958 मे ‘आन्दोलन’ आ दिसम्बर 1958 में ‘आदिकथा’ उपन्यास प्रकाशमे आयल। ई समय मैथली आन्दोलनक प्रारम्भिक अवस्था आओर ओहि आन्दोलनकें तेज करबाक हेतु प्रयत्नशील भाषाप्रेमीक त्यागक समय छल तऽ दोसर दिस सामन्तवादी वंशक रूढ़िवादिताक समय सेहो छल। एहि दुनू उपन्यासमे राजकमल जनमानसक ओही समयक चित्रके चित्रित कयलनि अछि। एहिमे ओ सफल सेहो भेलाह अछि।
Field समाजशास्त्र > भाषाविज्ञान / साहित्य
Published In Volume 7, Issue 6, November-December 2025
Published On 2025-12-12
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2025.v07i06.63243

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