International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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हरिवंशराय बच्चन की साहित्यिक यात्रा: हिंदी साहित्य में राजनीतिक सक्रियता, सामाजिक सुधार और नई कविता आंदोलन का योगदान

Author(s) धम्मरतन
Country India
Abstract यह शोध पत्र हरीवंशराय बच्चन की साहित्यिक यात्रा पर गहराई से प्रकाश डालता है, जो 1907 से 2003 तक उनके जीवनकाल को समेटता है। बच्चन हिंदी साहित्य के एक प्रमुख स्तंभ थे, जिनकी कविताओं ने न केवल भावुकता बल्कि राजनीतिक जागरूकता और सामाजिक बदलाव की पुकार को भी प्रतिबिंबित किया। पत्र उनके प्रारंभिक दिनों से लेकर 1975 तक की रचनात्मक प्रक्रिया का विश्लेषण करता है, जिसमें 'मधुशाला', 'अग्निपथ' जैसी कालजयी रचनाओं के माध्यम से दिखाया गया है कि कैसे उन्होंने व्यक्तिगत अनुभवों को सार्वभौमिक संदेशों में बदल दिया। राजनीतिक संलग्नता के आयाम में, बच्चन की स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी भावनाएँ और आपातकालीन दौर की प्रतिक्रियाएँ उभरती हैं, जो उनकी कविता को मात्र सौंदर्यबोध से ऊपर उठाकर सामाजिक आंदोलन का हथियार बनाती हैं।
सामाजिक सुधार के विषयों पर जोर देते हुए, पत्र बताता है कि बच्चन ने जातिवाद, स्त्री-शिक्षा और गरीबी जैसे मुद्दों को अपनी रचनाओं में बुना, जो नई कविता आंदोलन की आधुनिक संवेदना से जुड़ते हैं। नई कविता, जो 1950 के दशक में उभरी, में बच्चन का योगदान प्रयोगधर्मिता और यथार्थवाद के रूप में चित्रित है, जहाँ उन्होंने छायावाद की रोमांटिकता को त्यागकर समकालीन पीड़ाओं को अभिव्यक्त किया। शोध गुणात्मक व्याख्यात्मक पद्धति पर आधारित है, जिसमें वैचारिक त्रिकोणण (ideological triangulation) का उपयोग कर प्राथमिक स्रोतों जैसे उनकी आत्मकथाएँ ('क्या भूलूँ क्या याद करूँ') और द्वितीयक सामग्री का विश्लेषण किया गया है। पाँच अध्यायों—परिचय, राजनीतिक आयाम, सामाजिक सुधार, नई कविता संदर्भ तथा समापन—में विभक्त यह कार्य अनुसंधान अंतराल को भरता है, जो हिंदी साहित्य में बच्चन को ऐतिहासिक-सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य में स्थापित करता है।
यह सार अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं के लिए तैयार किया गया है, जिसमें सभी प्रमुख जानकारियाँ संक्षिप्त लेकिन प्रभावी रूप से समाहित हैं, ताकि पाठक को कागज का सार समझ आ जाए। कुल मिलाकर, बच्चन की साहित्यिक यात्रा न केवल हिंदी कविता का उत्कर्ष दर्शाती है, बल्कि 20वीं सदी के भारत के सामाजिक-राजनीतिक परिवर्तनों का आईना भी है।
Keywords हरिवंशराय बच्चन, हिंदी साहित्य, राजनीतिक सक्रियता, सामाजिक सुधार, नई कविता आंदोलन, स्वतंत्रता संग्राम, राष्ट्रवाद.
Published In Volume 7, Issue 6, November-December 2025
Published On 2025-12-16
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2025.v07i06.63803

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