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E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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अयोध्या: पंचतीर्थंकर जन्मभूमि के ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक आयाम

Author(s) वर्षा जैन, डॉ रत्नेश कुमार जैन
Country India
Abstract अयोध्या का स्थान भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह नगर केवल हिंदू धर्म में भगवान श्रीराम की जन्मभूमि के रूप में प्रसिद्ध नहीं है, बल्कि जैन धर्म में इसे “पंचतीर्थंकर जन्मभूमि” के रूप में पवित्र माना जाता है। जैन परंपरा के अनुसार, चौबीस तीर्थंकरों में पाँच — ऋषभदेव, अजितनाथ, अभिनंदननाथ, सुमतिनाथ और अनंतनाथ — का जन्म अयोध्या में हुआ था, जिससे यह नगर जैन तीर्थक्षेत्रों में विशेष स्थान रखता है। प्राचीन ग्रंथ, पुरातात्त्विक साक्ष्य और स्थापत्य कलाएँ अयोध्या की ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्ता को प्रमाणित करती हैं।
गणिनी आर्यिका ज्ञानमती माताजी के प्रयासों से अयोध्या के जैन तीर्थों का संरक्षण, पुनर्निर्माण और आधुनिक विकास हुआ, जिससे यह नगर श्रद्धालुओं और शोधार्थियों के लिए आकर्षक बन गया है। अयोध्या केवल धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि बहुधर्मी सहअस्तित्व, सांस्कृतिक समृद्धि और ऐतिहासिक धरोहर का प्रतीक भी है। यहाँ के तीर्थस्थल साधकों को आध्यात्मिक चेतना, ज्ञान और मोक्ष की ओर प्रेरित करते हैं। इस अध्ययन से स्पष्ट होता है कि अयोध्या जैन धर्म का शाश्वत केंद्र होने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति के धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता का जीवंत उदाहरण है।
Published In Volume 7, Issue 6, November-December 2025
Published On 2025-12-15
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2025.v07i06.63819
Short DOI https://doi.org/hbf9g9

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