International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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हनुमानगढ़ जिले की नोहर तहसील में कृषि उत्पादकता का विश्लेषणात्मक अध्ययन

Author(s) प्रेम लता, डॉ. बबीता
Country India
Abstract प्रस्तुत शोध हनुमानगढ़ जिले की नोहर तहसील क्षेत्र की कृषि व्यवस्था, उत्पादकता स्तर तथा उसको प्रभावित करने वाले कारकों का भौगोलिक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। अध्ययन से यह स्पष्ट होता है, कि नोहर तहसील की कृषि अर्द्ध-शुष्क जलवायु, अल्प वर्षा, और खारे भूजल जैसी भौगोलिक सीमाओं से प्रभावित है, जिससे कृषि पूर्णतः सिंचाई पर निर्भर हो गई है। सिद्धमुख–नोहर सिंचाई परियोजना इस क्षेत्र की कृषि का मुख्य आधार है। शोध में प्राथमिक आंकड़े 60 कृषकों से साक्षात्कार व समूह चर्चा द्वारा, तथा द्वितीयक आंकड़े सरकारी रिपोर्टों और सांख्यिकीय स्रोतों से संकलित किए गए। विश्लेषण से ज्ञात हुआ कि सिंचित क्षेत्रों में फसल उत्पादकता असिंचित क्षेत्रों की तुलना में औसतन 15–25% अधिक है। नोहर तहसील में रबी फसलों में गेहूँ और अरंडी सर्वाधिक उत्पादक रही, जबकि खरीफ में कपास और मूंगफली ने बेहतर प्रदर्शन किया। जायद फसलों में मूंग और मोठ की उत्पादकता राष्ट्रीय औसत से अधिक पाई गई। कुल उत्तरदाताओं में से 55.00 प्रतिशत का मत है कि उत्पादकता में वृद्धि हुई है जिसके पीछे कई कारण है। जिसमें सिंचाई सुविधा की, उपलब्धता, उन्नत बीज, उर्वरक, कृषि तकनीक, मृदा संरचना आदि शामिल हैं। अध्ययन से निष्कर्ष निकलता है, कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, मृदा सुधार, तथा आधुनिक कृषि तकनीक के समुचित प्रयोग से नोहर तहसील में कृषि उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है।
Keywords कृषि उत्पादकता, सिंचाई, जलवायु, कृषि तकनीक, मृदा। प्रस्तावना
Field Arts
Published In Volume 8, Issue 1, January-February 2026
Published On 2026-02-06

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