International Journal For Multidisciplinary Research
E-ISSN: 2582-2160
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Volume 8 Issue 1
January-February 2026
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इंदौर मे सामाजिक सुधार आंदोलन का ऐतिहासिक अध्ययन होलकर शासनकाल (1844 –1947) के विशेष संदर्भ में
| Author(s) | Mr. आशुतोष कुररिया, Dr. मंजुला निंगवाल |
|---|---|
| Country | India |
| Abstract | होलकर शासनकाल (1844–1947) के दौरान इंदौर में सामाजिक सुधार आंदोलनों का अध्ययन इस रियासत के एक प्रगतिशील प्रशासनिक और सामाजिक परिवर्तन के युग को दर्शाता है। इस शासनकाल खंड में महाराजा तुकोजीराव द्वितीय से लेकर यशवंतराव होलकर द्वितीय तक के शासकों ने शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और जाति सुधार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। देवी अहिल्याबाई के आदर्शों को आगे बढ़ाते हुए, बाद के शासकों ने बाल विवाह को रोकने के लिए विवाह की न्यूनतम आयु बढ़ाने का समर्थन किया। होलकर प्रशासन ने विधवाओं के पुनर्विवाह का समर्थन किया और उन्हें संपत्ति बनाए रखने का कानूनी अधिकार दिया। इसके अतिरिक्त, निःसंतान विधवाओं को गोद लेने का अधिकार भी प्रदान किया गया। समाज से दहेज प्रथा को समाप्त करने के लिए विधायी प्रयास किए गए और पुरानी अमानवीय प्रथाओं पर कड़ा प्रहार किया गया। होलकर शासनकाल में बालिकाओं के लिए विशेष स्कूल खोले गए। यह उस समय की एक क्रांतिकारी पहल थी जब महिला साक्षरता दर अत्यंत कम थी। महाराजाओं ने संस्कृत स्कूलों के साथ-साथ पश्चिमी वैज्ञानिक ज्ञान के प्रसार को भी प्रोत्साहित किया। कृषि को बढ़ावा देने के लिए किसानों को कर्ज (तकाबी) दिया गया और शिक्षा के माध्यम से युवाओं को प्रशासनिक सेवाओं के लिए तैयार किया गया। होलकर शासकों ने जातिगत भेदभाव और असमानता को दूर करने के लिए कार्य किया। उन्होंने उच्च और निम्न जातियों के बीच एकता को बढ़ावा दिया और दलित वर्ग के उत्थान के लिए नीतियां बनाईं। प्रशासन में सभी जातियों और समुदायों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की नीति अपनाई गई। तुकोजीराव होलकर द्वितीय ने न्याय प्रणाली में सुधार किया और पंचायत व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित किया। यशवंतराव होलकर द्वितीय ने इंदौर राज्य के लिए एक विधायी परिषद की स्थापना की और एक मंत्रिमंडल का गठन किया, जिसमें प्रधानमंत्री और तीन मंत्री शामिल थे। होलकर शासनकाल इंदौर के इतिहास में केवल राजनीतिक स्थिरता का ही नहीं, बल्कि सामाजिक नवजागरण का शासनकाल था। होलकर शासकों ने ब्रिटिश प्रभाव के बीच भी अपनी रियासत में स्वदेशी सुधारों को प्राथमिकता दी। |
| Keywords | होल्कर राज्य, इंदौर, सामाजिक सुधार, न्याय, राजनीतिक भागीदारी,प्रशासन, महिला सुधार |
| Field | Arts |
| Published In | Volume 8, Issue 1, January-February 2026 |
| Published On | 2026-02-04 |
| DOI | https://doi.org/10.36948/ijfmr.2026.v08i01.68360 |
| Short DOI | https://doi.org/hbnpzt |
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E-ISSN 2582-2160
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10.36948/ijfmr
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