International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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Jyotish Matanusar Pandit Deendayal Upadhyay Ke Rajnitik Jivan Ka Vishleshan

Author(s) Dr. Munish Kumar
Country India
Abstract किसी भी राष्ट्र के इतिहास में ऐसे व्यक्तित्व विरले ही होते हैं, जो सत्ता की कुर्सी पर बैठे बिना देश की राजनीति और समाज की दिशा बदल देते हैं । पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऐसे ही व्यक्तित्व थे जो न तो पद की आकांक्षा रखते थे, न ही सत्ता के शोर में दिखने की । फिर भी उनका प्रभाव इतना गहरा था कि भारतीय राजनीति की एक नई वैचारिक धारा उनके विचारों से ही प्रस्फुटित हुई । इस अध्ययन में यह ज्ञात होता है कि उनका सामाजिक और राजनीतिक प्रभाव कैसे विचारों, संगठन और नैतिकता की शक्ति पर आधारित था । भारतीय राजनीति में जब सत्ता, शक्ति और स्वार्थ की प्रतिस्पर्धा बढ़ रही थी, तब दीनदयाल जी ने राजनीति में नैतिकता, आदर्श और सभ्यता की परंपरा को पुनर्स्थापित करने का प्रयास किया । वे मानते थे कि “राजनीति केवल सत्ता का खेल नहीं बल्कि यह राष्ट्र-सेवा का माध्यम है” । उनका यह विचार, संसदीय राजनीति में एक नई शुचिता और पारदर्शिता की भावना लेकर आया ।
Keywords दीनदयाल उपाध्याय, राजनीति, ज्योतिष, शास्त्र, ग्रह
Field Arts
Published In Volume 8, Issue 1, January-February 2026
Published On 2026-02-12

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