International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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भारतीय ज्ञान प्रणाली की विकसित भारत 2047 एवं आत्मनिर्भर भारत के आलोक में भूमिका

Author(s) डॉ. अक्षय सुराणा
Country India
Abstract भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS) प्राचीन समय से विज्ञान, दर्शन, कृषि, आयुर्वेद, ज्योतिष, गणित एवं तकनीकी क्षेत्रों में समृद्ध योगदान देती आ रही है। वर्तमान संदर्भ में, जब भारत 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है, तब भारतीय ज्ञान प्रणाली का पुनःसृजन और उसका आधुनिक संदर्भ में अनुकूलन अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह प्रणाली न केवल सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को सुदृढ़ करती है, बल्कि नवाचार, तकनीकी विकास और सामाजिक-आर्थिक सुधारों के लिए स्थायी मार्ग भी प्रदान करती है। शोध से यह स्पष्ट होता है कि भारतीय ज्ञान प्रणाली के नवाचार-प्रधान मॉडल, पर्यावरण-सक्षम प्रथाओं, जैविक कृषि, स्थानीय उद्योग एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में सक्षम हैं। इसके साथ ही, शिक्षा और अनुसंधान में पारंपरिक ज्ञान का समन्वय आधुनिक विज्ञान के साथ भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सशक्त बना सकता है। इस अध्ययन का उद्देश्य भारतीय ज्ञान प्रणाली का वर्तमान प्रासंगिकता, उसकी नवाचार क्षमताओं और विकसित भारत 2047 एवं आत्मनिर्भर भारत की दिशा में योगदान का विश्लेषण करना है।
Keywords भारतीय ज्ञान प्रणाली, आत्मनिर्भर भारत, विकसित भारत 2047, नवाचार, पारंपरिक विज्ञान, तकनीकी विकास, सांस्कृतिक विरासत
Published In Volume 8, Issue 1, January-February 2026
Published On 2026-02-15

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