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E-ISSN: 2582-2160   •   Impact Factor: 9.24

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मध्यकालीन भारतीय राजनीतिक चिंतन में चण्डेश्वर कृत राजनीतिरत्नाकर की भूमिका : एक समीक्षात्मक अध्ययन

Author(s) Ms. Poonam Aherwar, Dr. Anuj Kumar Mishra
Country India
Abstract शोध सारांश
मध्यकालीन मिथिला के राजनीतिज्ञ, धर्मवक्ता व कार्णाट वंश के राजा हरीसिंह के प्रधानामात्य चण्डेश्वर द्वारा रचित राजनीतिरत्नाकर मध्यकालीन भारतीय राजनीतिक चिंतन का एक उत्कृष्ट ग्रन्थ है। यह ग्रन्थ भारतीय सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोणों को समझने का माध्यम है, साथ ही भारतीय राजनीति और शासन के मूलभूत सिद्धांतों को भी प्रस्तुत करता है। इस अध्ययन का उद्देश्य राजनीतिरत्नाकर के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और दार्शनिक महत्व का विश्लेषण करना है। यह ग्रन्थ प्रशासनिक सिद्धांतों, राजा के कर्तव्यों, न्याय प्रणाली और सामाजिक संरचना पर प्रकाश डालता है। इस ग्रन्थ में राजनीति को धर्म और नैतिकता के साथ जोड़कर प्रस्तुत किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि भारतीय परम्परा में राजनीति को केवल शक्ति का साधन न मानकर समाज कल्याण का माध्यम समझा गया है। चण्डेश्वर ने राजनीतिरत्नाकर के सोलह तरंगों (अध्यायों) में राज्य के विभिन्न घटकों जैसे राजा, अमात्य, मंत्रणा, प्राड्विवाक (प्रधान न्यायधीश), दण्ड, राजदूत, सैन्य व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर विस्तार से चर्चा की है। इसमें राजा को एक आदर्श शासक के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो प्रजा के कल्याण के लिए अपने व्यक्तिगत हितों का त्याग करता है। इस ग्रन्थ में वर्णित नैतिक और सैद्धान्तिक राजनीति का विश्लेषण आधुनिक समय में भी प्रासंगिक है। ग्रन्थ की भाषा-शैली, श्लोक संरचना और विचारधारा से यह प्रमाणित होता है कि यह रचना तत्कालीन समाज की जटिलताओं को समझने और उनका समाधान प्रस्तुत करने का प्रयास है। यह अध्ययन राजनीतिरत्नाकर के ऐतिहासिक महत्व और भारतीय ज्ञान परम्परा में इसके योगदान को रेखांकित करता है। अतः राजनीतिरत्नाकर भारतीय ज्ञान परम्परा की एक अनमोल धरोहर है, जो शासन और राजनीति के मूलभूत सिद्धांतों को समझने और लागू करने में मार्गदर्शन प्रदान करता है। इसके अध्ययन से यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि यह ग्रन्थ भारतीय राजनीति और संस्कृति की गहन समझ प्रदान करता है जिसे आज के सन्दर्भ में समझने की आवश्यकता है।
Keywords मध्यकालीन राजनीतिक चिंतन चण्डेश्वर राजनीतिरत्नाकर |
Field Sociology > Politics
Published In Volume 8, Issue 2, March-April 2026
Published On 2026-04-01
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2026.v08i02.70458

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