International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160   •   Impact Factor: 9.24

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वीरेन्द्र जैन रचित ‘भार्या’ कहानी संग्रह में शैली विवेचन

Author(s) डॉ. पविता यादव
Country India
Abstract वीरेन्द्र जैन रचित ‘भार्या’ की कहानियों का कथ्य जहां सामयिक, सजीव और सुन्दर है, वहीं उनका शिल्प भी सशक्त और समर्थ है । भाषा सहज तथा प्रभावोत्पादक है । भाषा का सामान्य प्रचलित रूप ही इन कहानियों में मिलता है । भाषा को सुन्दर तथा चमत्कारी बनाने के लिए इनमें मुहावरों, कहावतों का प्रयोग किया गया है। संवाद सरल, संक्षिप्त तथा पात्रों की मनःस्थिति को विश्लेषित करते हैं । इन कहानियों के शिल्प में कथानक, परिवेश, पात्र, संवाद, भाषा, शैली, शीर्षक योजना को बहुत आकर्षक तरीके से समेटा गया है जो शिल्प की कसौटी पर पूर्णतः खरे हैं । शिल्प के सभी तत्वों के आधार पर इन कहानियों में सही सन्तुलन मिलता है । जो शिल्पगत आयाम की दृष्टि से इन कहानियों को उत्कृष्ट बनाते हैं ।
Keywords अवगुण, क्रियाकलाप ,चरित्रहीन
Published In Volume 5, Issue 6, November-December 2023
Published On 2023-12-07

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