International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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भारतीय ज्ञान परम्परा एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीतिः 2020

Author(s) सुनील कुमार पाठक, डॉ. अर्चना सेंन
Country India
Abstract भारतीय संस्कृति एवं संस्कृत का मूल आधार ही भारतीय ज्ञान परम्परा है। भारतीय ज्ञान परम्परा भारत वर्ष में प्राचीन काल से चली रही शिक्षा प्रणाली है। इसके अर्न्तगत वेद,वेदंाग, उपनिषद, श्रुति, स्मृति से लेकर विभिन्न प्रकार के दर्शनशास्त्र, धर्मशास्त्र, अर्थशास्त्र, शिक्षा शास्त्र, नाट्यशास्त्र, प्रबन्धन एवं विज्ञान, विद्यााशाखा इत्यादि के अथाह ज्ञान भण्डार है। भारतीय ज्ञान परम्परा के अंतर्गत शिक्षा को विद्याा, ज्ञान, दर्शन, प्रबोध, प्रज्ञा, बागीश एवं भारती इत्यादि शब्दो से परिभाषित कया गया है। भारतीय ज्ञान प्रणाली के स्वर्णिम इतिहास का अघ्ययन करने पर यह ज्ञात होता है कि प्राचीन समय में इस परम्परा का अभीष्ट उद्देश्य ज्ञान की प्राप्ति करने हुए विद्यार्थी के व्यक्तिव का सर्वागीण विकास करना तथा उसे समाजोपयोगी एवं मोक्षगामी बनाना था। भारतीय ज्ञान परम्परा प्रज्ञा का प्रतीक है जिसमें ज्ञान एवं विज्ञान, लौकिक एवं पर-लौकिक, कर्म एवं धर्म तथा भोग का अद्धुत समन्वय रहा है। इस प्रकार प्राचीन समय से ही शिक्षा के प्रति भारतीय ज्ञान परम्परा का दृष्टिकोण अत्यन्त व्यापक एवं सूक्ष्म रहा है।
Keywords सनातन ज्ञान, ज्ञान परम्परा, शिक्षा प्रणाली, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020
Field Sociology
Published In Volume 8, Issue 3, May-June 2026
Published On 2026-05-11

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