International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160   •   Impact Factor: 9.24

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समकालीन हिंदी साहित्य : संवेदना, संरचना और रचनात्मकता का विश्लेषणात्मक अध्ययन (निर्मल वर्मा, कृष्णा सोबती एवं उदय प्रकाश के विशेष संदर्भ में)

Author(s) सुमन कुमार सिंह
Country India
Abstract प्रस्तुत शोध “समकालीन हिंदी साहित्य : संवेदना, संरचना और रचनात्मकता का विश्लेषणात्मक अध्ययन” समकालीन हिंदी साहित्य के वैचारिक, संवेदनात्मक तथा संरचनात्मक आयामों का गहन अध्ययन प्रस्तुत करता है। आधुनिक भारतीय समाज में हुए सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक परिवर्तनों ने हिंदी साहित्य की प्रकृति और अभिव्यक्ति को व्यापक रूप से प्रभावित किया है। इस शोध में विशेष रूप से निर्मल वर्मा, कृष्णा सोबती तथा उदय प्रकाश के साहित्य के माध्यम से समकालीनता की संवेदना, संरचना और रचनात्मकता का विश्लेषण किया गया है।
अध्ययन से यह स्पष्ट हुआ कि समकालीन हिंदी साहित्य केवल वर्तमान समय का चित्रण नहीं करता, बल्कि आधुनिक जीवन की जटिलताओं, अकेलेपन, विस्थापन, अस्मिता-संकट, सामाजिक विघटन और मानसिक द्वंद्व को गहराई से अभिव्यक्त करता है। समकालीन साहित्य में संवेदना अधिक अंतर्मुखी, बहुस्तरीय और अस्तित्वगत स्वरूप ग्रहण करती है। निर्मल वर्मा के साहित्य में आंतरिक संवेदना और अस्तित्व-बोध, कृष्णा सोबती के साहित्य में स्त्री-अस्मिता और भाषिक नवीनता तथा उदय प्रकाश के साहित्य में सामाजिक यथार्थ, सत्ता-संरचना और प्रतिरोध की चेतना प्रमुख रूप से दिखाई देती है।
Published In Volume 8, Issue 3, May-June 2026
Published On 2026-05-19

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