International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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आल्हा-एक ऐतिहासिक विश्लेषण

Author(s) Mr. Manoj Thakur
Country India
Abstract सारांश (Abstract) - यह शोध पत्र आल्हा पर केंद्रित है जो आल्हाखंड के केंद्रीय नायक हैं । शोध पत्र को मुख्य रूप से सात भागों में बांटा जा सकता है - प्रथम भाग में आल्हा के प्रारंभिक जीवन संबंधी विवरण जैसे ,उनका जन्म, बाल्यावस्था, नामकरण माता-पिता भाई इत्यादि का विवरण सम्मिलित किया गया है ।
दूसरे भाग में युवावस्था संबंधी प्रारंभिक विवरण जैसे - आल्हा ऊदल ने किस प्रकार बड़े होने के पश्चात अपने पिता तथा चाचा की हत्या का प्रतिशोध लिया ,सिरसा जीतने में मलखान की सहायता की, आल्हा का विवाह तथा पत्नी व पुत्र का परिचय ,आल्हा के प्रारंभिक कार्य , ऊदल, मलखान ,ब्रह्मानंद आदि भाइयों के विवाह करवाना, किस प्रकार अपने प्रिय भाई ऊदल से क्षणिक मतभेद हुआ, इत्यादि बिन्दु वर्णित हैं।
तृतीय भाग में माहिल की चुगली के कारण आल्हा ऊदल का महोबा से निष्कासन,महोबा छोड़कर कन्नौज जाकर बसना, राजा जयचंद की नौकरी करना, राजा जयचंद के विद्रोही सामंतों को पराजित कर उनसे लगान तथा हर्जाना वसूल कर राजा जयचंद को भेंट करना आदि बिन्दुओं पर प्रकाश डाला गया है।
चतुर्थ भाग में जिन बिन्दुओं पर चर्चा हुई है वे इस प्रकार से हैं - पृथ्वीराज चौहान द्वारा आल्हा ऊदल की अनुपस्थिति में माहिल के भड़काने पर चंदेल राज्य पर आक्रमण करना, सिरसा को जीतने के बाद महोबे को घेरना, रानी मल्हना व परमाल द्वारा आल्हा को मनाने के लिए जगनिक को कन्नौज भेजना, जगनिक द्वारा आल्हा को मनाना, आल्हा का महोबे की सहायता के लिए तैयार होना, राजा जयचंद द्वारा आल्हा ऊदल के साथ अपनी सेना महोबा की सहायता के लिए भेजना ।
पांचवें भाग में आल्हा द्वारा महोबे की सहायता के लिए आना, पृथ्वीराज चौहान के साथ अंतिम निर्णायक युद्ध होना, दोनों पक्षों के अनेक योद्धाओं का मारा जाना, ऊदल का युद्ध में वीर गति प्राप्त करना,आल्हा का क्रोध करके युद्ध में पृथ्वीराज के सभी सेनानायकों का संहार कर डालना जैसे बिंदु वर्णित हैं।
छठवें भाग में आल्हा का पृथ्वीराज को मारने के लिए उद्धत होना, युद्ध भूमि में गुरु गोरखनाथ का आना, आल्हा को रोकना, आल्हा को वैराग्य उत्पन्न होना तथा गुरु गोरखनाथ के साथ वन को चले जाना जैसे बिंदु समाविष्ट किए गए हैं।
सातवें भाग में निष्कर्ष के रूप में आल्हा की जनसामान्य में स्मृति तथा ऐतिहासिकता से संबंधित विविध पक्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया है।
Keywords आल्हाखंड, महोबा, भविष्य पुराण, माड़ोगढ़ , सिरसागढ़, देवी शारदा, बनाफर, माहिल, कन्नौज, जगनिक, ऐतिहासिकता,
Field Sociology > Archaeology / History
Published In Volume 8, Issue 3, May-June 2026
Published On 2026-05-27
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2026.v08i03.79645

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