International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160   •   Impact Factor: 9.24

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श्रीरामचरितमानस पर आधारित रामलीला संगीत की संरचना, शैली और प्रस्तुति-कौशल का अध्ययन

Author(s) Ms. pooja shukla shukla, Prof. Dr. Nagesh kumar Tripathi
Country India
Abstract सारांश
यह शोध “श्रीरामचरितमानस पर आधारित रामलीला संगीत की संरचना, शैली और प्रस्तुति-कौशल” के बहुआयामी अध्ययन पर आधारित है, जिसमें लोकधर्मी रामलीला परंपरा को संगीतात्मक एवं नाट्यात्मक दृष्टि से समझने का प्रयास किया गया है। रामलीला में प्रयुक्त गायन, वादन, ताल-प्रयोग, स्वरबद्ध चौपाइयाँ, व्यास-वाचन तथा पात्रों का अभिनय—इन सभी के समन्वय से उत्पन्न नाट्य-अनुभूति दर्शकों को भक्ति एवं आध्यात्मिकता से परिपूर्ण वातावरण में ले जाती है।
अध्ययन में कुमाऊँ, गढ़वाल, बरेली तथा रामनगर की विभिन्न रामलीला शैलियों का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया है, जिससे क्षेत्रीय विविधताओं, राग-धुनों तथा प्रस्तुति-शिल्प में विद्यमान भिन्नताओं का स्पष्ट चित्र सामने आता है। व्यास का स्वर-उच्चारण, विराम, आरोह-अवरोह तथा ताल-वाद्यों का संयोजन दर्शकों को मात्र दर्शक की भूमिका से आगे बढ़ाकर सक्रिय सहभागी के अनुभव तक पहुँचाता है। समकालीन परिवर्तनों तथा नवीन मंचीय प्रयोगों का विश्लेषण करते हुए यह शोध स्थापित करता है कि रामलीला संगीत भारतीय लोक-सांस्कृतिक पहचान का एक जीवंत, गतिशील तथा अविच्छिन्न माध्यम है, जो परंपरा और आधुनिकता के मध्य एक सशक्त सेतु का कार्य करता है।
Keywords क्षेत्र मंचन अवधि (दिन) मुख्य ताल प्रमुख वाद्य कुमाऊँ 9–10 दादरा, कहरवा ढोलक, हुड़का गढ़वाल 10 कहरवा, चांचरी ढोलक, थाली, मंजीरा रामनगर 31 त्रिताल, एकताल, चौताल नगाड़ा, शहनाई, ताशा बरेली/रोहिलखण्ड 8–12 कहरवा, झूमरा ढोलक, झाँझ
Published In Volume 8, Issue 3, May-June 2026
Published On 2026-06-08

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