International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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जलवायु परिवर्तन के दौर में सतत कृषि और खाद्य सुरक्षा: भारतीय परिप्रेक्ष्य में एक आर्थिक विश्लेषण

Author(s) प्रो. (डॉ.) धीरेन्द्र कुमार सिंह
Country India
Abstract भारत सहित विश्व के अनेक देशों में जलवायु परिवर्तन कृषि क्षेत्र और खाद्य सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती के रूप में उभर रहा है। तापमान वृद्धि, अनियमित वर्षा, सूखा, बाढ़ तथा अन्य चरम मौसमी घटनाएँ कृषि उत्पादन की स्थिरता को प्रभावित कर रही हैं। कृषि-प्रधान अर्थव्यवस्थाओं में इन परिवर्तनों का प्रभाव केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि किसानों की आय, ग्रामीण रोजगार, प्राकृतिक संसाधनों तथा खाद्य सुरक्षा के विभिन्न आयामों पर भी पड़ता है। प्रस्तुत अध्ययन का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन, सतत कृषि और खाद्य सुरक्षा के मध्य संबंधों का आर्थिक विश्लेषण करना है। अध्ययन द्वितीयक आँकड़ों, सरकारी रिपोर्टों तथा उपलब्ध शोध साहित्य पर आधारित है। विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि सतत कृषि पद्धतियाँ:-जैसे फसल विविधीकरण, जल संरक्षण, जैविक खेती, कृषि वानिकी तथा जलवायु-अनुकूल कृषि तकनीकें:- कृषि उत्पादन को अधिक स्थिर और पर्यावरण-अनुकूल बनाने में सहायक हैं। अध्ययन यह भी दर्शाता है कि खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कृषि नीतियों में जलवायु अनुकूलन, संसाधन संरक्षण तथा किसानों की क्षमता निर्माण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। अंततः यह निष्कर्ष निकलता है कि सतत कृषि भविष्य की खाद्य सुरक्षा तथा ग्रामीण विकास की आधारशिला सिद्ध हो सकती है।
Keywords जलवायु परिवर्तन, सतत कृषि, खाद्य सुरक्षा, कृषि अर्थशास्त्र, जलवायु-अनुकूल कृषि, ग्रामीण विकास।
Published In Volume 8, Issue 1, January-February 2026
Published On 2026-01-05
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2026.v08i01.81507

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