International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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सेल्युलॉइड पर मौन गांधी:हिन्दी सिनेमा में प्रत्यक्ष से अधिक परोक्ष उपस्थिति का अध्ययन

Author(s) Manas Kumar Mishra
Country India
Abstract प्रस्तुत शोध प्रत्र हिन्दी सिनेमा में महात्मा गांधी की उपस्थिति के स्वरूप और उसकी विविध परतों का विवेचन करता है। यह एक विचारणीय विरोधाभास है कि जिस महापुरुष ने स्वयं सिनेमा को नैतिक दृष्टि से संदेहास्पद माना, उन्हीं गांधी जी की उपस्थिति स्वतंत्र भारत के सिनेमाई इतिहास में अनवरत बनी रही है। यह शोध यह स्थापित करना चाहता है कि गांधी जी का प्रत्यक्ष चित्रण अर्थात् पर्दे पर गांधी के रूप में किसी अभिनेता का दिखाई देना अत्यंत सीमित चलचित्रों में हुआ है, किन्तु उनके मूल विचार, उनका दर्शन और उनके सिद्धांत हिन्दी सिनेमा की व्यापक धारा में सर्वत्र व्याप्त रहे हैं। इस अध्ययन में कुल इक्कीस चयनित हिन्दी चलचित्रों का गुणात्मक एवं विश्लेषणात्मक अध्ययन किया गया है, जिनमें छः प्रत्यक्ष गांधी-चित्रण वाली तथा पंद्रह परोक्ष गांधीवादी विषयवस्तु वाली चलचित्रें शामिल हैं। चयनित चलचित्र-समूह में परोक्ष गांधीवादी उपस्थिति प्रत्यक्ष उपस्थिति की तुलना में ढाई गुना अधिक पाई गई, जो यह संकेत देती है कि हिन्दी सिनेमा में गांधी की परोक्ष उपस्थिति प्रत्यक्ष चित्रण से कहीं अधिक व्यापक है। इस शोध में गांधीवादी सिनेमा का पाँच स्तरीय विश्लेषणात्मक वर्गीकरण प्रस्तावित किया गया है। यह भी दर्शाया गया है कि गांधी की 'मौन उपस्थिति' हिन्दी सिनेमाकारों की एक सचेत सांस्कृतिक रणनीति रही है।
Keywords मुख्य शब्द : गांधी, हिन्दी सिनेमा, गांधीवाद, चलचित्र अध्ययन,शैक्षणिक वर्गीकरण, गांधीवादी नायक, सांस्कृतिक रणनीति
Field Arts > Movies / Music / TV
Published In Volume 8, Issue 4, July-August 2026
Published On 2026-07-04
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2026.v08i04.82794

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