International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160   •   Impact Factor: 9.24

A Widely Indexed Open Access Peer Reviewed Multidisciplinary Bi-monthly Scholarly International Journal

Call for Paper Volume 8, Issue 5 (September-October 2026) Submit your research before last 3 days of October to publish your research paper in the issue of September-October.

भारतीय अर्थव्यवस्था में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का प्रभाव

Author(s) धीरेन्द्र चौहान
Country India
Abstract वस्तु एवं सेवा कर भारत में 1 जुलाई 2017 को लागू हुआ। यह अब तक का सबसे महत्वपूर्ण अप्रत्यक्ष कर सुधार है। इसने केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए कई अप्रत्यक्ष करों जैसे उत्पाद शुल्क, सेवा कर, राज्याश्रित मूल्य संवर्धित कर यानी वैट, चुंगी, और प्रवेश कर को खत्म करके एक साफ और एकीकृत कराधान बनाया। इस शोध पत्र में जीएसटी की अवधारणा, संरचना, उसके कार्यान्वयन की प्रक्रिया, और भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों जैसे विनिर्माण, सेवा, लघु एवं मध्यम उद्यम, कर संग्रह, राजस्व वितरण, और खासकर सामान्य उपभोक्ता पर प्रभावों का अध्ययन किया गया है। अध्ययन से साफ है कि जीएसटी ने करारोपण के आधार को बढ़ाया है, करापवंचन कम किया है, और एक राष्ट्र, एक कर की सोच को साकार किया है। लेकिन हर प्रक्रिया के विकसित होते चरणों की तरह, इसके लागू करने में भी तकनीकी कठिनाइयां, अनुपालन का बोझ, और लघु उद्योगों पर प्रतिकूल असर जैसी चुनौतियां आईं। यह शोध पत्र इन सभी पहलुओं का पूरा मूल्यांकन पेश करता है और भविष्य में सुधारों के लिए सुझाव भी देता है।
Keywords जीएसटी, अप्रत्यक्ष कर, भारतीय अर्थव्यवस्था, कर सुधार, राजस्व संग्रह, जीएसटी परिषद
Published In Volume 8, Issue 4, July-August 2026
Published On 2026-07-20

Share this