International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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उत्सव एवं मेलों (ऊँट मेला, और कपिल मुनि मेला) का सामाजिक-सांस्कृतिक अध्ययन और पर्यटन विस्तार (बीकानेर जिले के संदर्भ में)

Author(s) राजेश स्वामी, डॉ. नरेंद्र सिंह राणावत
Country India
Abstract बीकानेर जिले की सांस्कृतिक पहचान उसके पारंपरिक उत्सवों एवं मेलों से गहराई से जुड़ी है, जिनमें ऊँट मेला और कपिल मुनि मेला विशेष महत्व रखते हैं। यह शोध इन दोनों आयोजनों के सामाजिक-सांस्कृतिक सरोकारों, सामुदायिक भागीदारी, पारंपरिक अभिव्यक्तियों तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था पर इनके प्रभाव का विश्लेषण प्रस्तुत करता है। 2025 के ऊँट उत्सव में शामिल नई गतिविधियों—जैसे ऊँट-आधारित खेल, पशु-कौशल प्रदर्शन, और स्थानीय शिल्प प्रदर्शनी—ने मेले को न केवल वैश्विक दृश्यता प्रदान की है बल्कि “राजस्थान पर्यटन नीति 2025” में उल्लिखित क्षेत्रीय पर्यटन विस्तार के लक्ष्यों को भी सुदृढ़ किया है। इसी प्रकार, कपिल मुनि मेले में धार्मिक आस्था, ग्रामीण-शहरी सहभागिता और लोकपरंपराओं की निरंतरता सामाजिक एकजुटता का आधार बनती है। शोध पत्र यह भी दर्शाता है कि इन आयोजनों में उभरते अवकाश-पर्यटन, सांस्कृतिक मार्गों के विकास, होमस्टे मॉडल, तथा डिजिटल प्रचार जैसे आयाम बीकानेर जिले में पर्यटन के बहुआयामी विस्तार को गति देते हैं। निष्कर्षतः, दोनों मेले मात्र सांस्कृतिक अभिव्यक्तियाँ नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास, सतत पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत संरक्षण के प्रभावी माध्यम के रूप में उभर रहे हैं।

Keywords बीकानेर, ऊँट मेला 2025, कपिल मुनि मेला, राजस्थान पर्यटन नीति 2025, सामाजिक-सांस्कृतिक अध्ययन, सामुदायिक सहभागिता, सतत पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय अर्थव्यवस्था.
Published In Volume 7, Issue 6, November-December 2025
Published On 2025-12-11

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