International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बदलती भूमिकाः 21वीं सदी की वैश्विक चुनौतियों के संदर्भ में

Author(s) Mr. Chandan Kumar Thakur, Dr. Abha Kumari
Country India
Abstract संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद संयुक्त राष्ट्र का वह प्रमुख अंग है जिसे अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने की प्राथमिक जिम्मेदारी सौंपी गई है। द्वितीय विश्व युद्ध के उपरांत वर्ष 1945 में स्थापित इस परिषद ने दशकों तक अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के समाधान, शांति स्थापना अभियानों, प्रतिबंधों तथा सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था के माध्यम से वैश्विक स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। तथापि, 21वीं सदी में अंतरराष्ट्रीय राजनीति, वैश्विक शक्ति-संतुलन तथा सुरक्षा की अवधारणा में आए व्यापक परिवर्तनों ने इसकी कार्यप्रणाली और प्रभावशीलता को गंभीर चुनौती दी है। वर्तमान वैश्विक व्यवस्था अब बहुध्रुवीय स्वरूप ग्रहण कर रही है, जिसमें भारत, ब्राजील, जर्मनी, जापान तथा अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका निरंतर बढ़ रही है। इसके विपरीत, सुरक्षा परिषद की संरचना आज भी द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की शक्ति-संरचना को प्रतिबिंबित करती है। पाँच स्थायी सदस्यों-संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस, चीन, यूनाइटेड किंगडम और फ्रांसकृको प्राप्त वीटो शक्ति कई अवसरों पर परिषद की निर्णय-प्रक्रिया को प्रभावित करती रही है, जिसके कारण अनेक महत्वपूर्ण वैश्विक संकटों में समयबद्ध और प्रभावी निर्णय नहीं हो सके हैं। इससे परिषद की लोकतांत्रिक वैधता, प्रतिनिधित्व और विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न उत्पन्न हुए हैं। यह शोध-पत्र संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 21वीं सदी की प्रमुख वैश्विक चुनौतियों-अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन, साइबर सुरक्षा, वैश्विक महामारी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, तथा रूस-यूक्रेन, सीरिया और गाजा जैसे समकालीन संघर्षों के संदर्भ में इसकी बदलती भूमिका का आलोचनात्मक मूल्यांकन करता है। अध्ययन यह भी स्पष्ट करता है कि सुरक्षा परिषद ने शांति स्थापना अभियानों, प्रतिबंधों, संघर्ष-निरोध, मानवीय सहायता तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान दिया है, किंतु स्थायी सदस्यों के राजनीतिक हितों, वीटो शक्ति के अत्यधिक प्रयोग तथा संरचनात्मक सीमाओं के कारण इसकी प्रभावशीलता कई मामलों में सीमित रही है।
Keywords संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, वैश्विक सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय शांति, वीटो शक्ति, बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था, आतंकवाद, साइबर सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन भारत की स्थायी सदस्यता।
Field Arts
Published In Volume 8, Issue 4, July-August 2026
Published On 2026-07-22
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2026.v08i04.84271

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