International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160   •   Impact Factor: 9.24

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Call for Paper Volume 8, Issue 5 (September-October 2026) Submit your research before last 3 days of October to publish your research paper in the issue of September-October.

21वीं सदी में मानवाधिकारों की प्रासंगिकता एवं चुनौतियाँ

Author(s) Dr. Jagmohan Singh Negi
Country India
Abstract मानवाधिकार सार्वभौमिक, अविच्छिन्न और प्राकृतिक अधिकार हैं, जो मानव को मानव होने के कारण प्राप्त हैं। 21 वीं सदी में जहाँ तकनीकी उन्नति, लोकतंत्र का विस्तार, अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग तथा वैश्वीकरण ने मानवाधिकारों को नई मजबूती प्रदान की है, वहीं राजनीतिक दमन, युद्ध, आर्थिक असमानता, तकनीकी दुरुपयोग, पर्यावरणीय संकट और सामाजिक भेदभाव, व्यवहारिक भष्ट्राचार जैसी कई नई चुनौतियाँ भी उभरकर सामने आ रही हैं। यह शोध-पत्र 21 वीं सदी में मानवाधिकारों के सम्मुख उत्पन्न इन चुनौतियों का विश्लेषण करता है तथा मानवाधिकारों की प्रासंगिकता को रेखांकित करने में मार्गदर्शक का कार्य कर सकता है।
Keywords मानवाधिकार, 21वीं सदी, वैश्वीकरण, लोकतंत्र, तकनीकी दुरुपयोग, आर्थिक असमानता, पर्यावरणीय अधिकार, मानवाधिकार संरक्षण।
Field Arts
Published In Volume 8, Issue 4, July-August 2026
Published On 2026-07-24
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2026.v08i04.84344

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