International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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भारत के पर्यावरणीय आंदोलनों में महिलाओं की नेतृत्वकारी भूमिका: पर्यावरणीय प्रतिरोध से पर्यावरणीय न्याय तक का एक पारिस्थितिक नारीवादी विश्लेषण

Author(s) Ms. Ankita Jayswal, Ms. Pooja Malik, Dr. Amit Kumar Upadhyay
Country India
Abstract भारत में पर्यावरणीय संकट और विकासात्मक विस्थापन के विरुद्ध उभरे अधिकांश जनांदोलनों की अगुवाई महिलाओं ने की है, फिर भी मुख्यधारा के नीति-विमर्श और अकादमिक साहित्य में उनकी भूमिका को प्रायः हाशिये पर रखा गया है। यह शोध-पत्र पारिस्थितिक नारीवाद (इकोफेमिनिज़्म) के सैद्धांतिक ढाँचे का उपयोग करते हुए भारत के प्रमुख महिला-नेतृत्व वाले पर्यावरणीय आंदोलनों—चिपको, अप्पिको, नर्मदा बचाओ आंदोलन, चिल्का मत्स्य आंदोलन तथा बीज सत्याग्रह—का विश्लेषण करता है। अध्ययन यह तर्क प्रस्तुत करता है कि महिलाओं की सहभागिता केवल प्रतीकात्मक विरोध तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने आजीविका, जल, जंगल और भूमि के प्रश्नों को पर्यावरणीय न्याय के व्यापक ढाँचे से जोड़ा। पत्र यह भी परीक्षण करता है कि किस प्रकार स्थानीय प्रतिरोध की राजनीति धीरे-धीरे नीति-निर्माण, कानूनी अधिकार और संस्थागत सहभागिता की दिशा में विकसित हुई। अंत में, समकालीन जलवायु न्याय आंदोलनों में महिलाओं की बदलती भूमिका, उनके समक्ष विद्यमान संरचनात्मक बाधाओं तथा नीतिगत सुझावों पर चर्चा की गई है।
Keywords पारिस्थितिक नारीवाद, महिला नेतृत्व, पर्यावरणीय न्याय, चिपको आंदोलन, नर्मदा बचाओ आंदोलन, जलवायु न्याय
Published In Volume 8, Issue 4, July-August 2026
Published On 2026-07-31
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2026.v08i04.84768

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