International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160   •   Impact Factor: 9.24

A Widely Indexed Open Access Peer Reviewed Multidisciplinary Bi-monthly Scholarly International Journal

Call for Paper Volume 8, Issue 5 (September-October 2026) Submit your research before last 3 days of October to publish your research paper in the issue of September-October.

समकालीन भारतीय मूर्तिकार रतीलाल कंसोदरिया का जीवन, शैली एवं कला मे योगदान का अध्ययन

Author(s) Mr. Kamaljeet, Prof. Dr. Nirupama Singh
Country India
Abstract प्रस्तुत शोधपत्र “समकालीन भारतीय मूर्तिकार रतीलाल कंसोदरिया का जीवन, शैली एवं कला मे योगदान का अध्ययन” समकालीन भारतीय मूर्तिकला के महत्वपूर्ण कलाकार रतीलाल कंसोदरिया के जीवन, कला शैली एवं भारतीय कला में उनके योगदान का विश्लेषण प्रस्तुत करता है। रतीलाल कंसोदरिया गुजरात के मूर्तिकार हैं, जिनकी कला में ग्रामीण जीवन, बचपन की स्मृतियाँ, प्रकृति तथा लोक संस्कृति का गहरा प्रभाव दिखाई देता है। उनकी कृतियाँ केवल सौंदर्यात्मक अभिव्यक्ति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे सामाजिक एवं सांस्कृतिक संवेदनाओं को भी अभिव्यक्त करती हैं। इस पत्र में कलाकार के जीवन परिचय, शिक्षा, कलात्मक विकास, प्रदर्शनियों, कला शिविरों तथा प्राप्त सम्मानों का विस्तार से अध्ययन किया गया है। साथ ही उनकी मूर्तिकला शैली, प्रयोग किए गए माध्यमों तथा उनकी कृतियों में निहित भावात्मक एवं संरचनात्मक विशेषताओं का विश्लेषण किया गया है। रतीलाल कंसोदरिया ने धातु, टेराकोटा, लकड़ी, पत्थर एवं मिश्रित माध्यमों में कार्य करते हुए समकालीन भारतीय मूर्तिकला को नई दिशा प्रदान की है। उन्होंने अपनी कृतियों के माध्यम से भारतीय लोक जीवन और मानवीय अनुभवों को सजीव रूप में प्रस्तुत किया है। यह शोधपत्र रतीलाल कंसोदरिया की कला के माध्यम से समकालीन भारतीय मूर्तिकला की संवेदनात्मक, सांस्कृतिक एवं कलात्मक विशेषताओं को समझने का प्रयास करता है तथा भारतीय कला में उनके योगदान को रेखांकित करता है।
Keywords रतीलाल कंसोदरिया, मूर्तिकला, कला, भारतीय, समकालीन भारतीय मूर्तिकार
Field Arts > Drawing
Published In Volume 8, Issue 4, July-August 2026
Published On 2026-07-31

Share this