International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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भारतीय संविधान के 75 वर्ष: विकास, उपलब्धियाँ एवं समकालीन चुनौतियाँ

Author(s) Dr. Amarnath Paswan
Country India
Abstract 26 नवंबर 1949 को, "हम, भारत के लोग" ने स्वतंत्र भारत के संविधान को "अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित" करने का संकल्प लिया। आज भारत अपने संविधान की 75वीं वर्षगाँठ पूरे उत्साह और गौरव के साथ मना रहा है।

भारतीय संविधान की जड़ें ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध चले स्वतंत्रता संग्राम में निहित हैं। नव-स्वतंत्र राष्ट्र के निर्माण और उसके सुचारु संचालन के लिए एक सुदृढ़ संवैधानिक ढाँचे की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए वर्ष 1946 में संविधान सभा का गठन किया गया। संविधान सभा का उद्देश्य ऐसा संविधान तैयार करना था, जो भारत की विविधतापूर्ण सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और भाषाई संरचना के अनुरूप सभी नागरिकों की आकांक्षाओं एवं अपेक्षाओं को अभिव्यक्त कर सके।

संविधान सभा ने विभिन्न देशों के संवैधानिक मॉडलों का अध्ययन किया तथा भारतीय परिस्थितियों और आवश्यकताओं के अनुरूप व्यापक विचार-विमर्श, बहस और चर्चाओं के उपरांत भारतीय संविधान का निर्माण किया। अंततः 26 नवंबर 1949 को संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित एवं आत्मार्पित किया गया तथा 26 जनवरी 1950 से इसे प्रभावी रूप से लागू किया गया।

भारतीय संविधान ने भारत में लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था, विधि का शासन, मौलिक अधिकारों, स्वतंत्रता, समानता, न्याय, बंधुत्व तथा लोकतांत्रिक गणराज्य की स्थापना की आधारशिला रखी। साथ ही इसने समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और कल्याणकारी राज्य की अवधारणा को भी सुदृढ़ आधार प्रदान किया।

भारतीय संविधान एक जीवंत दस्तावेज़ है, जो समय, परिस्थितियों और समाज की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप निरंतर विकसित होता रहा है। संविधान लागू होने के बाद इसमें अनेक महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं तथा सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों के ऐतिहासिक निर्णयों ने इसकी व्याख्या और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

यह अध्ययन भारतीय संविधान की 75 वर्षों की विकास-यात्रा का समग्र विश्लेषण प्रस्तुत करता है। इसमें संविधान के प्रमुख संशोधनों, न्यायिक निर्णयों, लोकतांत्रिक संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण, सामाजिक न्याय, समावेशी विकास तथा समकालीन चुनौतियों का आलोचनात्मक मूल्यांकन किया गया है। साथ ही यह शोध भारतीय संविधान की उपलब्धियों, उसके सतत विकास और भविष्य की संभावनाओं को समझने का प्रयास करता है।
Keywords भारतीय संविधान, संविधान के 75 वर्ष, प्रजातंत्र, संवैधानिक संशोधन, संसदीय प्रणाली, संघीय संरचना, न्यायिक समीक्षा, मूल संरचना सिद्धांत, समान नागरिक संहिता, मौलिक अधिकार, सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता, आर्थिक समानता।
Published In Volume 8, Issue 4, July-August 2026
Published On 2026-08-02
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2026.v08i04.85007

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