International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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मध्य-पूर्व एशियाई तेल संकट का भारतीय बाज़ार पर प्रभाव

Author(s) Dr. Vijayant Srivastava, Dr. Richa Srivastava
Country India
Abstract मध्य-पूर्व क्षेत्र वैश्विक कच्चे तेल आपूर्ति का प्रमुख स्रोत है, अतः वहाँ उत्पन्न किसी भी प्रकार का अस्थिरता या संकट विश्व तेल बाज़ार को प्रभावित करता है, जिसका प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष प्रभाव भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर भी पड़ता है। इस अध्ययन में वैश्विक तेल बाज़ार में कीमतों में उतार-चढ़ाव तथा आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधानों का भारतीय तेल आयात एवं ऊर्जा सुरक्षा पर प्रभाव का विश्लेषण किया गया है। साथ ही भारतीय बाज़ार एवं अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभावों जैसे महंगाई में वृद्धि, परिवहन लागत में बढ़ोतरी तथा उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र पर पड़ने वाले दबाव को भी रेखांकित किया गया है। शोध में यह भी पाया गया है कि तेल संकट के कारण भारत की आर्थिक स्थिरता एवं विकास दर पर प्रभाव पड़ता है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों की उत्पादन क्षमता एवं उपभोक्ता मूल्य सूचकांक प्रभावित होते हैं। इस समस्या के समाधान हेतु भारत सरकार द्वारा अपनाई गई नीतियों एवं प्रयासों का भी अध्ययन किया गया है, जिनमें रणनीतिक तेल भंडारण, वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों का विकास तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग प्रमुख हैं। अंत में यह निष्कर्ष निकाला गया है कि मध्य-पूर्व तेल संकट का भारतीय अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है, अतः ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने एवं वैकल्पिक ऊर्जा संसाधनों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
Keywords मध्य-पूर्व एशिया, तेल संकट, भारतीय बाज़ार, ऊर्जा सुरक्षा, महंगाई
Published In Volume 8, Issue 4, July-August 2026
Published On 2026-08-13

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