International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160   •   Impact Factor: 9.24

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छोटे नगरों में नगरीय प्रसार की गतिकी: नीम का थाना, राजस्थान के परिप्रेक्ष्य में

Author(s) मदन लाल, डॉ. बाबू लाल शर्मा
Country India
Abstract प्रस्तुत शोध पत्र राजस्थान के सीकर जिले में स्थित एक उभरते छोटे नगर, नीम का थाना, में हो रहे नगरीय प्रसार का भौगोलिक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। छोटे नगरों में नगरीय प्रसार पर अध्ययन अपेक्षाकृत सीमित रहे हैं, जबकि राजस्थान में इस स्तर के नगरों की संख्या एवं जनसंख्या तीव्र गति से बढ़ रही है। इस अध्ययन में लैण्डसेट उपग्रह प्रतिबिम्बों (1995, 2005, 2015, 2025) के दृश्य-विश्लेषण, जनगणना आँकड़ों (1981-2011) एवं 276 उत्तरदाताओं पर आधारित प्राथमिक सर्वेक्षण का समन्वित उपयोग किया गया है। परिणामों से स्पष्ट होता है कि नगर का निर्मित क्षेत्र 1995 के 1.87 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 2025 में 4.21 वर्ग किलोमीटर हो गया, अर्थात् तीस वर्षों में लगभग 125 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसमें 2005-2015 का दशक सर्वाधिक तीव्र (65.5 प्रतिशत) रहा। नगर का प्रसार केन्द्रीय सघनीकरण, सड़क-अनुरेखित रैखिक विकास एवं परिधीय लीप-फ्रॉग विकास तीनों प्रतिरूपों में एक साथ हो रहा है, जिसकी प्रमुख प्रेरक शक्तियाँ रीको औद्योगिक क्षेत्र का चुम्बकत्व, बाह्य प्रवासन एवं भूमि मूल्य वृद्धि हैं। सर्वेक्षण से यह भी सामने आया कि नगर के कोर एवं फ्रिंज क्षेत्रों के बीच नागरिक सुविधाओं के स्तर में सार्थक असमानता (भारित औसत 3.47 बनाम 2.92) विद्यमान है। शोध यह निष्कर्ष प्रस्तुत करता है कि नीम का थाना का नगरीय प्रसार अनियोजित एवं बहुदिशीय प्रकृति का है, जिसके लिए समन्वित मास्टर प्लान की आवश्यकता है।
Keywords नगरीय प्रसार, छोटे नगर, भूमि उपयोग परिवर्तन, लीप-फ्रॉग विकास, दूर संवेदन
Published In Volume 8, Issue 4, July-August 2026
Published On 2026-08-16
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2026.v08i04.85814

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