International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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आदिवासी समाज एवं उनकी समस्याए

Author(s) Anita Bisht
Country India
Abstract आदिवासी शब्द दो शब्दों ‘आदि’ और ‘वासी’ से मिल कर बना है इसका अर्थ मूल निवासी होता है। भारत की जनसंख्या का 8.6 प्रतिशत (10 करोड़) भाग आदिवासियों का है। भारतीय संविधान में आदिवासियों के लिए ‘अनुसूचित जनजाति’ शब्द का उपयोग किया गया है। ये आदिवासी मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, नागालैण्ड, अरूणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, मेघालय, गुजरात बिहार आदि राज्यों में निवास करते हैं। सामान्य रूप से आदिवासी उसे कहते है जो जंगलो में अपना जीवन यापन करते हैं। सामान्य जीवन शैली जीते हैं, समान संस्कृति, समान भाषा का प्रयोग करते हैं, तथा जल, जीवन, जंगल से जुडे रहते है। भारत के आदिवासियों की समस्याएँ बहुत कठिन है और उनके रीति-रिवाज, रहन-सहन, सभ्यता, आचार-विचार, संस्कृति, धर्म, कला आदि मे सुधार की आवश्यकता है। सभ्य समाज के सम्पर्क में आने के कारण आदिवासी समाज में अनेक प्रकार की समस्याएँ उत्पन्न हो गयी है।
Keywords आदिवासी, समुदाय, समस्याएँ, जीवन शैली, संस्कृति
Field समाज शास्त्र
Published In Volume 6, Issue 1, January-February 2024
Published On 2024-02-12
Cite This आदिवासी समाज एवं उनकी समस्याए - Anita Bisht - IJFMR Volume 6, Issue 1, January-February 2024. DOI 10.36948/ijfmr.2024.v06i01.13025
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2024.v06i01.13025
Short DOI https://doi.org/gthqq7

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