International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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महिला एवं आर्थिक विकास

Author(s) डॉ शिखा त्रिपाठी
Country India
Abstract सार - वर्तमान समय में केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में अनेक नीतियों एवं. . कार्यक्रमों का निर्धारण किया जा रहा है। सन 1990 में साहित्य के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित मेक्सिको के लेखक ऑक्टेवियो पाज के अनुसार सशक्तिकरण का तात्पर्य व्यक्ति द्वारा अपने जीवन का स्वयं ही संचालित एवं निर्देशित करने की क्षमता से है आज महिलाओं के सशक्तिकरण की बात की जाती है जिसकी कई आयाम जैसे नागरिक, राजनीतिक ,सामाजिक ,आर्थिक, सांस्कृतिक और। अपने अधिकारों और स्त्रियों की भागीदारी। मुख्य है। सशक्तिकरण यानी एक महिला के पास निर्णय लेने की ताकत। महिला शक्ति पारिवारिक सामाजिक आर्थिक राजनीतिक सभी क्षेत्रों में है।लेकिन किसी महिला की सशक्तिकरण की एक प्रक्रिया पूरी होती है जब उसके साथ सामाजिक, शारीरिक , मनोवैज्ञानिक सांस्कृतिक राजनैतिक अन्याय ना हो और वह इसके लिए स्वयं। जागरूक हो । कहीं। ना कहीं उसकी शिक्षा इसमें महत्वपूर्ण प्रक्रिया अदा करती है ।अतः मध्यप्रदेश शासन का लक्ष्य महिलाओं का पूर्ण सशक्तिकरण कर महिलाओं को सशक्त बनाना है। राज्य की महिला नीति की मूल अवधारणा महिलाओं को समाज में प्रतिष्ठा प्रदान करना तथा उनकी मानसिकता। में सकारात्मक परिवर्तन लाकर जीवन को समृद्ध और सुसंस्कृत बनाना है । एक महिला के साथ उसके तीन परिवार सुधरते और बनते हैं ।अतः प्रत्येक महिला। को शिक्षित व स्वरोजगार निर्मित होना आवश्यक है। जिससे उनके साथ विभेदीकरण की स्थिति समाप्त हो।
Published In Volume 5, Issue 2, March-April 2023
Published On 2023-04-22
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2023.v05i02.2566

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