International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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बौद्ध दर्शन : विज्ञान और आध्यात्म का समन्वय

Author(s) Mr. Pradeep Kumar, Prof. Dr. Sanjay Kumar Singh
Country India
Abstract दुनिया में बौद्ध धर्म ही एकमात्र ऐसा धर्म है जो न तो ईश्वर में और न ही आत्मा की नित्यता में विश्वास करता है। इसके बाद भी वह कर्म सिद्धांत और पुनर्जन्म सिद्धांत को स्वीकार करता है। बुद्ध किसी अतिप्राकृतिक सत्ता (जैसे :देवी देवताओं की सत्ता ) को स्वीकार नहीं करते । बुद्ध के अनुसार जो सिद्धांत तर्क और अनुभव के विपरीत है उसे स्वीकार करने का कोई कारण नहीं है । बुद्ध ने एक ऐसे धर्म को प्रस्तुत किया जिसमें मानवीय समस्याओं का समाधान स्वयं मनुष्य ही करता है। ऐसे में आज के वैज्ञानिक युग में बौद्ध दर्शन की प्रासंगिकता बढ़ जाती हैं, क्योंकि विज्ञान भी मनुष्य की समस्याओं का समाधान वैज्ञानिक आविष्कारों के माध्यम से करता है । इस शोध निबंध का उद्देश्य बुद्ध के दर्शन में वैज्ञानिक और धार्मिक दृष्टि को प्रस्तुत करना हैं। इस निबंध के माध्यम से यह स्पष्ट करने का प्रयास किया जाएगा कि आज के युग में विज्ञान और धर्म का समन्वय करके मानवता के उज्जवल भविष्य का मार्ग कैसे उपलब्ध हो सकता है।
Keywords Manavtavaad,Vaigyanik Dristi,Paryavaran
Field Arts
Published In Volume 7, Issue 5, September-October 2025
Published On 2025-09-15
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2025.v07i05.55670

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