International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160   •   Impact Factor: 9.24

A Widely Indexed Open Access Peer Reviewed Multidisciplinary Bi-monthly Scholarly International Journal

Call for Paper Volume 8, Issue 6 (November-December 2026) Submit your research before last 3 days of December to publish your research paper in the issue of November-December.

NEP 2020 संस्कृत स्नातक एकीकृत पाठ्यक्रम में सम्मिलित उत्तरसीताचरितम् महाकाव्य : विद्याधिगम: सर्ग का वैशिष्ट्य

Author(s) Dr. Aradhika
Country India
Abstract सनातन कवि रेवा प्रसाद द्विवेदी विरचित उत्तरसीताचरितम् महाकाव्य के विद्याधिगम सर्ग में सीता के पुत्रों लव और कुश को गुरु वाल्मीकि के आश्रम में शिक्षा के लिए भेजने की कथा वर्णित है। इस सर्ग में मातृत्त्व और गुरुत्त्व का सुंदर चित्रण किया गया है।लव और कुश को वेद, शास्त्र और संगीत आदि की शिक्षा दी जाती है, जिससे वे विद्याध्ययन में निपुण हो जाते हैं। गुरु वाल्मीकि के निर्देशन में उनकी शिक्षा-दीक्षा होती है, जिससे वे अपने पिता राम के योग्य पुत्र सिद्ध होते हैं।इस सर्ग के माध्यम से कवि ने शिक्षक व शिक्षार्थी के गुणों तथा शिक्षालय के स्वरूप के साथ ही शिक्षा के महत्त्व और माता-पिता एवं गुरु के प्रति श्रद्धा की भावना को उजागर किया है।
Keywords महाकाव्य, महिषी, राष्ट्रहित, अभूतपूर्व, प्रपञ्च, सूक्ष्मदर्शी, सर्वकल्याणार्थ,विपक्षगामी,परिशीलन, आत्मचेतना,उत्तरदायित्व,समुत्कर्ष, अधिगमोन्मुख,समारोपित, संस्कृति आदि।
Published In Volume 7, Issue 6, November-December 2025
Published On 2025-12-31
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2025.v07i06.65014

Share this