International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160   •   Impact Factor: 9.24

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जलवायु परिवर्तन शमन में हरित प्रौद्योगिकी की भूमिका

Author(s) Dr. Ram Singh Dhurwey
Country India
Abstract जलवायु परिवर्तन वर्तमान विश्व की सबसे गंभीर पर्यावरणीय, आर्थिक एवं सामाजिक चुनौती बन चुका है। जिसके दुष्परिणाम पर्यावरण, अर्थव्यवस्था और मानव जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में स्पष्ट रूप से देखे जा रहे हैं। बढ़ती औद्योगिक गतिविधियाँ, जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता, वनों की कटाई तथा उपभोग-प्रधान जीवनशैली के कारण ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन निरंतर बढ़ रहा है, जिससे वैश्विक तापमान में वृद्धि हो रही है। इस समस्या के समाधान हेतु “हरित प्रौद्योगिकी” एक प्रभावी, दीर्घकालिक एवं सतत विकल्प के रूप में उभर कर सामने आई है। हरित प्रौद्योगिकी का मूल उद्देश्य पर्यावरणीय क्षति को न्यूनतम करते हुए संसाधनों का कुशल उपयोग सुनिश्चित करना है। नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों जैसे सौर, पवन, जल एवं जैव-ऊर्जा का उपयोग जीवाश्म ईंधनों के विकल्प के रूप में किया जा रहा है, जिससे कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आती है। ऊर्जा दक्ष प्रौद्योगिकियाँ, हरित भवन, स्मार्ट ग्रिड, विद्युत वाहन तथा स्वच्छ उत्पादन प्रणालियाँ औद्योगिक और शहरी क्षेत्रों में उत्सर्जन नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। अतः यह स्पष्ट है कि जलवायु परिवर्तन शमन में हरित प्रौद्योगिकी की भूमिका बहुआयामी और अनिवार्य है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु सरकारी नीतियों, तकनीकी नवाचार, निवेश तथा जन-जागरूकता का समन्वित प्रयास आवश्यक है, जिससे सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके।
Keywords जलवायु परिवर्तन, हरित प्रौद्योगिकी, शमन, नवीकरणीय ऊर्जा, सतत विकास।
Published In Volume 7, Issue 6, November-December 2025
Published On 2025-12-30
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2025.v07i06.65074

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