International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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डिजिटल युग में सामाजिक संबंधों का रूपांतरण: एक समाजशास्त्रीय विश्लेषण

Author(s) Mr. Sukhdev Singh Warkade
Country India
Abstract वर्तमान अध्ययन का उद्देश्य डिजिटल युग में सामाजिक संबंधों के रूपांतरण को समाजशास्त्रीय दृष्टिकोण से समझना है। इंटरनेट, सोशल मीडिया और आभासी नेटवर्क के व्यापक प्रसार ने पारंपरिक सामाजिक संबंधों की संरचना, स्वरूप और गहराई पर गहरा प्रभाव डाला है। अध्ययन के लिए 200 उत्तरदाताओं पर आधारित मिश्रित शोध पद्धति अपनाई गई, जिसमें प्रश्नावली और साक्षात्कार दोनों का उपयोग किया गया।विश्लेषण से यह पाया गया कि युवा आयु वर्ग (18-25 वर्ष) में डिजिटल माध्यमों का उपयोग अधिक होने के साथ ही प्रत्यक्ष सामाजिक अंतःक्रिया में उल्लेखनीय कमी तथा ऑनलाइन संबंधों में वृद्धि देखी गई है। वहीं, वर्चुअल अंतःक्रिया का संबंधों के विभिन्न आयामों पर विषम प्रभाव पड़ता है; जहाँ यह संवाद की आवृत्ति में सहायक (71% सकारात्मक) है, वहीं भावनात्मक गहराई पर इसका प्रभाव मुख्यतः नकारात्मक (47%) पाया गया। सामाजिक-आर्थिक वर्ग के आधार पर धारणा में स्पष्ट अंतर देखा गया, जहाँ उच्च वर्ग डिजिटल संबंधों को अधिक उपयोगी मानता है, जबकि निम्न वर्ग पारंपरिक संबंधों को अधिक विश्वसनीय समझता है। समग्र रूप से निष्कर्ष यह दर्शाते हैं कि डिजिटल युग में सामाजिक संबंध विस्तृत तो हुए हैं, परंतु उनका भावनात्मक आयाम अपेक्षाकृत कमजोर हुआ है। यह प्रवृत्ति “नेटवर्क्ड इंडिविजुअलिज़्म” की अवधारणा को पुष्ट करती है, जहाँ व्यक्ति अनेक डिजिटल नेटवर्कों से जुड़ा तो है, परंतु सामाजिक आत्मीयता और सामुदायिकता की भावना क्षीण होती जा रही है।
Keywords डिजिटल युग, सामाजिक संबंध, वर्चुअल अंतःक्रिया, समाजशास्त्रीय विश्लेषण, नेटवर्क समाज, आभासी आत्म, सामाजिक पूँजी
Field Sociology
Published In Volume 8, Issue 1, January-February 2026
Published On 2026-01-07
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2026.v08i01.65827
Short DOI https://doi.org/hbjmms

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