International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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ताई खाम्ती जनजाति का लोक साहित्य एवं विविध आयाम

Author(s) Dr. Nang Sulina Chautang
Country India
Abstract साहित्य को समाज का दर्पण कहा जाता है| जिसके अंतर्गत समाज के हर पहलुओं का प्रतिबिम्ब दिखाई पड़ती है| लोक साहित्य जन-जन के साहित्य को कहा जाता है| यह सामान्य जनता द्वारा जनता के लिए रचा जाता है| लोक साहित्य वह साहित्य है जो समाज में मौखिक रूप में विद्यमान है| इसमें लोक भावनाओं की अभिव्यक्ति होती है| मनुष्य ने जबसे सभ्य समाज का निर्माण किया तभी से वह अपनी रीति-रिवाज, मान्यताओं आदि के अनुपालन करते समय अनेक पद्धतियों को अपनाया, जो गीत, संगीत, कथाएँ, नृत्य आदि रूप में अभिव्यक्त हुई| कालांतर में इन्हीं पद्धितियों को लोक साहित्य की संज्ञा दी गई| ताई खाम्ती भारत के पूर्वोत्तर में स्थित अरुणाचल प्रदेश के निवासी है| वर्तमान समय में अरुणाचलप्रदेश का नम्साई जिला इनके मुख्य निवास स्थान है| ताई खाम्ती जनजाति के पास अपनी लिपि है, जिसे इनके भाषा में ‘लिक-ताई’ कहते हैं| लिपि होने के कारण इनका साहित्य लिखित रूप में उपलब्ध है| हिंदी साहित्य की सभी विधाएं ताई खाम्ती साहित्य में मौखिक एवं लिखित रूप में उपलब्ध है|
Keywords लोक साहित्य, ताई खाम्ती जनजाति,संस्कृति एवं सभ्यता,बौद्ध धर्म
Field Arts
Published In Volume 8, Issue 1, January-February 2026
Published On 2026-02-21

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