International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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टेलीमेडिसिन में नैतिकता और गोपनीयताः डेटा संरक्षण, सूचित सहमति और डॉक्टर-रोगी संबंधों का विश्लेषण

Author(s) Mr. SHUBHAM, Prof. DHRUV KUMAR TRIPATHI
Country India
Abstract डिजिटल प्रौद्योगिकी के तीव्र विकास ने स्वास्थ्य सेवाओं की प्रकृति और पहुँच को महत्वपूर्ण रूप से बदल दिया है। टेलीमेडिसिन इसी परिवर्तन का एक प्रमुख उदाहरण है, जिसने दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने और चिकित्सक-रोगी संवाद को अधिक सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के बाद टेलीमेडिसिन का उपयोग तेजी से बढ़ा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने में सहायता मिली। हालांकि, इस तकनीकी विस्तार के साथ कई नैतिक और सामाजिक चुनौतियाँ भी सामने आई हैं, जिनमें रोगी की गोपनीयता, डेटा सुरक्षा, सूचित सहमति और स्वायत्तता से जुड़े मुद्दे प्रमुख हैं। यह अध्ययन टेलीमेडिसिन के संदर्भ में इन नैतिक और सामाजिक चुनौतियों का समाजशास्त्रीय विश्लेषण प्रस्तुत करता है। अध्ययन में द्वितीयक स्रोतोंकृजैसे शोध लेख, नीति दस्तावेज, रिपोर्ट और संबंधित साहित्यकृका उपयोग करते हुए यह समझने का प्रयास किया गया है कि डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के बढ़ते उपयोग ने रोगी-चिकित्सक संबंध, स्वास्थ्य जानकारी की सुरक्षा और निर्णय लेने की प्रक्रिया को किस प्रकार प्रभावित किया है। विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि जहाँ एक ओर टेलीमेडिसिन स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और सुविधा को बढ़ाता है, वहीं दूसरी ओर डिजिटल असमानता, डेटा गोपनीयता और तकनीकी नियंत्रण जैसे मुद्दे रोगियों की वास्तविक स्वायत्तता और विश्वास को प्रभावित कर सकते हैं। प्रभावी टेलीमेडिसिन व्यवस्था के लिए केवल तकनीकी अवसंरचना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पारदर्शी नीतियाँ, मजबूत डेटा सुरक्षा व्यवस्था और रोगी-केंद्रित नैतिक ढाँचा भी आवश्यक है। इसलिए, टेलीमेडिसिन के सतत और समावेशी विकास के लिए ऐसी नीतियों और प्रथाओं की आवश्यकता है जो स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता के साथ-साथ रोगियों के अधिकारों, गोपनीयता और सामाजिक न्याय को भी सुनिश्चित कर सकें।
Keywords टेलीमेडिसिन, डिजिटल स्वास्थ्य, चिकित्सा नैतिकता, रोगी स्वायत्तता, सूचित सहमति, डेटा गोपनीयता, स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी
Field Sociology > Health
Published In Volume 8, Issue 2, March-April 2026
Published On 2026-03-23
DOI https://doi.org/10.36948/ijfmr.2026.v08i02.71466

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