International Journal For Multidisciplinary Research

E-ISSN: 2582-2160     Impact Factor: 9.24

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भारत में आर्थिक विकास और आय असमानता का संबंध

Author(s) Dr. निर्भय राजबंशी
Country India
Abstract यह शोध-पत्र भारत में आर्थिक विकास और आय असमानता के बीच संबंध का विश्लेषण करता है। पिछले कुछ दशकों में भारत ने तीव्र आर्थिक विकास का अनुभव किया है, विशेषकर उदारीकरण, निजीकरण और वैश्वीकरण की नीतियों के बाद। हालांकि, इस विकास के साथ-साथ आय असमानता में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। यह अध्ययन इस प्रश्न पर केंद्रित है कि क्या आर्थिक विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों तक समान रूप से पहुँच रहा है या यह केवल सीमित वर्गों तक ही केंद्रित है।
अध्ययन में द्वितीयक आंकड़ों और विभिन्न रिपोर्टों के आधार पर यह पाया गया कि भारत में आर्थिक विकास ने गरीबी में कमी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, किंतु आय का वितरण असमान बना हुआ है। उच्च आय वर्ग की आय में तेजी से वृद्धि हुई है, जबकि निम्न और मध्यम वर्ग अपेक्षाकृत धीमी प्रगति कर पाए हैं। क्षेत्रीय असमानता, शिक्षा, रोजगार के अवसरों में भिन्नता तथा सामाजिक-आर्थिक कारक इस असमानता को और बढ़ाते हैं।
यह शोध यह भी संकेत करता है कि यदि समावेशी विकास (inclusive growth) की नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया गया, तो आर्थिक विकास और आय असमानता के बीच की खाई और अधिक गहरी हो सकती है। अतः सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार सृजन और सामाजिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि विकास के लाभ समाज के सभी वर्गों तक समान रूप से पहुँच सकें।
Keywords आर्थिक विकास, आय असमानता, समावेशी विकास, भारत, गरीबी, वैश्वीकरण।
Field Sociology > Economics
Published In Volume 8, Issue 2, March-April 2026
Published On 2026-04-12

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